
बिहार : ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा करने वाले ग्राहकों के लिए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि लाखों रुपये कीमत के महंगे मोबाइल फोन ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही बदल दिए जाते थे और उनकी जगह नकली या कम कीमत वाले फोन भेज दिए जाते थे। इस मामले ने ऑनलाइन खरीदारी की सुरक्षा और डिलीवरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, इस कथित फर्जीवाड़े में महंगे स्मार्टफोन को रास्ते में ही बदलने का खेल चल रहा था। ग्राहक जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से महंगे मोबाइल फोन ऑर्डर करते थे, तो पैकेज उनके पास पहुंचने से पहले ही उसमें छेड़छाड़ कर दी जाती थी। इसके बाद असली मोबाइल निकालकर उसकी जगह नकली या खराब गुणवत्ता वाले फोन रख दिए जाते थे।
मामला सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों और पुलिस ने जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और किस स्तर पर पैकेज के साथ छेड़छाड़ की जाती थी।
ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां ग्राहकों की सुविधा के लिए कई सुरक्षा उपाय अपनाने का दावा करती हैं, लेकिन इस तरह के मामलों से डिलीवरी सिस्टम पर भरोसे को नुकसान पहुंचता है। खासकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वाले ग्राहकों को ऐसी घटनाओं से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि ठगों का यह तरीका बेहद योजनाबद्ध था। वे महंगे मोबाइल फोन की पहचान कर उन्हें निशाना बनाते थे। इसके बाद पैकेज की सील या पैकिंग में बदलाव कर असली सामान निकाल लिया जाता था। ग्राहक को जब डिलीवरी मिलती थी तो बाहर से पैकेट सामान्य दिखाई देता था, लेकिन अंदर रखा सामान बदला हुआ होता था।
ऐसे मामलों में ग्राहकों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सामान किस स्तर पर बदला गया। ऑनलाइन ऑर्डर से लेकर डिलीवरी तक कई चरण होते हैं, जिनमें वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी नेटवर्क शामिल होते हैं। जांच एजेंसियां अब इसी पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहकों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। महंगे सामान की डिलीवरी लेते समय पैकेट की सील, वजन और पैकिंग की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत डिलीवरी पार्टनर और कंपनी को इसकी सूचना देनी चाहिए।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अब महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपना रहे हैं। इनमें ओपन बॉक्स डिलीवरी, सीरियल नंबर की जांच और रिटर्न प्रक्रिया की निगरानी जैसे कदम शामिल हैं। हालांकि, ऐसे मामलों को रोकने के लिए पूरे सप्लाई चेन सिस्टम को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।
पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या यह काम किसी एक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। यदि किसी संगठित नेटवर्क की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना के बाद ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है। लोग अब महंगे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑनलाइन खरीदते समय अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग घर बैठे महंगे उत्पाद खरीद रहे हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और ग्राहकों को सुरक्षित खरीदारी का भरोसा मिल सके।





