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बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले NDA की बड़ी बैठक, सीएम सम्राट चौधरी ने बनाई रणनीति

Kavita2
8 Oct 2026 9:55 AM IST
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले NDA की बड़ी बैठक, सीएम सम्राट चौधरी ने बनाई रणनीति
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पटना। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में बुधवार, 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर एनडीए के घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी आठ सीटों पर चुनावी तैयारियों, साझा प्रचार अभियान और गठबंधन के भीतर उम्मीदवारों को लेकर चल रहे विवादों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गठबंधन के सभी दलों से एकजुट होकर चुनाव लड़ने और व्यक्तिगत दलों के बजाय एनडीए को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि उम्मीदवारों को लेकर चल रहे आंतरिक विवाद संबंधित राजनीतिक दलों का नेतृत्व सुलझाएगा।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटे एनडीए के दिग्गज

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में लोकसेवक आवास पर आयोजित बैठक में भाजपा, जनता दल यूनाइटेड और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधान परिषद चुनाव के लिए गठबंधन की साझा रणनीति तैयार करना और उम्मीदवारों के समर्थन में सभी घटक दलों को एक मंच पर लाना था।

बैठक में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और मंत्री संतोष कुमार सुमन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इसके अलावा गठबंधन के अन्य नेताओं और पदाधिकारियों ने भी चुनावी तैयारियों को लेकर अपने सुझाव रखे। इस दौरान संगठनात्मक समन्वय और चुनाव प्रचार को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

आठों सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इन सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। एनडीए ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों को समर्थन देने के लिए संयुक्त रणनीति बनाई है।

भाजपा और जनता दल यूनाइटेड चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में गठबंधन के सामने सभी उम्मीदवारों के पक्ष में साझा चुनाव प्रचार करने और मतदाताओं तक पहुंचने की चुनौती है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में कहा कि एनडीए को चुनाव में अपनी एकजुटता दिखानी होगी। उन्होंने घटक दलों के नेताओं से आपसी समन्वय बनाए रखने और गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत के लिए संयुक्त प्रयास करने का आग्रह किया।

बैठक में चुनाव प्रचार के दौरान सभी सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

9 अक्टूबर को फिर होगी अहम बैठक

बुधवार को आयोजित बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि शुक्रवार, 9 अक्टूबर को एनडीए विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी।

इस बैठक में एनडीए के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के अलावा गठबंधन के सांसदों को भी बुलाया गया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए एकजुट है। उन्होंने कहा कि चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए नौ अक्टूबर को गठबंधन के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है।

इस बैठक में चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों के समर्थन को लेकर आगे की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।

नीरज कुमार और अनंत सिंह का विवाद भी उठा

एनडीए की बैठक में जदयू के विधान परिषद उम्मीदवार नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह के बीच चल रहे विवाद का मामला भी सामने आया।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, जदयू विधायक अनंत सिंह उनके विरोध में दिखाई दे रहे हैं।

अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया है। इस घटनाक्रम के बाद जदयू के भीतर राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं।

बैठक में इस विवाद पर चर्चा हुई और संबंधित राजनीतिक दल के नेतृत्व से मामले का समाधान निकालने को कहा गया।

एनडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर किसी दल का आंतरिक विवाद उसी पार्टी के नेतृत्व को सुलझाना होगा। इससे साझा चुनाव प्रचार प्रभावित नहीं होना चाहिए।

रालोमो नेता के नामांकन पर भी चर्चा

बैठक में राष्ट्रीय लोक मोर्चा से जुड़े नेता रामपुकार सिन्हा के नामांकन का मामला भी उठाया गया।

गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों के अलावा सहयोगी दलों से जुड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने को लेकर एनडीए में चिंता बनी हुई है।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे संबंधित दलों के नेताओं से बातचीत की जाए।

ऐसे मामलों को सुलझाने की जिम्मेदारी संबंधित घटक दलों के नेतृत्व को दी गई है। उम्मीदवारों की नाम वापसी के लिए नौ अक्टूबर तक का समय निर्धारित है।

एनडीए नेतृत्व चाहता है कि नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले आपसी मतभेद दूर किए जाएं, ताकि गठबंधन के अधिकृत उम्मीदवारों को सभी सहयोगी दलों का समर्थन मिल सके।

साझा प्रचार अभियान चलाएगा एनडीए

बैठक में चुनाव प्रचार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। एनडीए के सभी घटक दल अपने-अपने संगठन के माध्यम से गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेताओं से कहा कि चुनाव के दौरान किसी एक दल की प्राथमिकता के बजाय गठबंधन के सामूहिक हित को महत्व दिया जाए।

इसके तहत प्रचार अभियान में सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है।

एनडीए का प्रयास है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं तक गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रभावी तरीके से पहुंचा जाए।

विपक्षी दलों ने भी तेज की तैयारी

विधान परिषद चुनाव में एनडीए के सामने राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, जन सुराज और अन्य उम्मीदवारों की चुनौती है।

राजद और कांग्रेस के बीच कुछ सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारे जाने के कारण विपक्षी दलों के बीच तालमेल को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हो रही है।

वहीं जन सुराज पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है।

इस बार आठ सीटों के लिए कुल 164 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवार होने के कारण कई निर्वाचन क्षेत्रों में बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है।

23 अक्टूबर को मतदान, चुनावी हलचल तेज

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं।

एनडीए के पास वर्तमान में इन आठ सीटों में से पांच सीटें हैं। गठबंधन अपने मौजूदा प्रतिनिधित्व को बरकरार रखने के साथ अन्य सीटों पर भी जीत हासिल करने की रणनीति बना रहा है।

फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई बैठक के बाद एनडीए ने साझा प्रचार और संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दिया है। अब नौ अक्टूबर को होने वाली अगली बैठक में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने और उम्मीदवारों से जुड़े विवादों के समाधान पर सभी की नजर रहेगी।

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