
मुजफ्फरपुर। बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गरीबनाथ मंदिर के विकास को लेकर बड़ी पहल शुरू हो गई है। बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण के लिए 6.19 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना को 12 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बाबा गरीबनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई इस योजना को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पर्यटन विभाग की ओर से पहले चरण के विकास कार्यों के लिए 6.19 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें से 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। निर्माण और विकास कार्यों की जिम्मेदारी बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को सौंपी गई है। निगम की निगरानी में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का कायाकल्प किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि बाबा गरीबनाथ मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासकर सावन महीने में मंदिर में लाखों की संख्या में कांवड़िये जलाभिषेक करने आते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होगी और मंदिर क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।
कॉरिडोर योजना के पहले चरण में मंदिर के शिखर और अग्रभाग का विकास किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर के प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और आरती डेक का निर्माण भी प्रस्तावित है। साथ ही मंदिर से जुड़े साहू पोखर के सौंदर्यीकरण का काम भी इसी चरण में किया जाएगा।
योजना के तहत मंदिर परिसर में दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। पहला भव्य प्रवेश द्वार गांधी चौक के पास बनाया जाएगा, जबकि दूसरा प्रवेश द्वार साहू पोखर के नजदीक विकसित किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी और भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
बाबा गरीबनाथ मंदिर को अक्सर "देवघर ऑफ बिहार" के नाम से भी जाना जाता है। सावन की सोमवारी के दौरान यहां तीन से चार लाख तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान रहता है। ऐसे में कॉरिडोर बनने से मंदिर क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस परियोजना के सामने कई चुनौतियां भी हैं। मंदिर क्षेत्र की संकरी सड़कें, अतिक्रमण, पार्किंग की कमी और बिजली के लटकते तार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कॉरिडोर निर्माण के दौरान इन समस्याओं का समाधान करना भी जरूरी होगा ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
प्रशासन की योजना है कि मंदिर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक माहौल तैयार किया जाए। कॉरिडोर बनने के बाद बाबा गरीबनाथ मंदिर परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मुजफ्फरपुर को नई पहचान मिल सकती है।
सरकार की इस पहल को स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। लंबे समय से मंदिर के विकास की मांग कर रहे लोगों को अब उम्मीद है कि कॉरिडोर परियोजना के पूरा होने के बाद बाबा गरीबनाथ धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यह बिहार के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।





