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पटना। बिहार में प्रस्तावित 'माँ सीता महिला विश्वविद्यालय' को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कोई भी अंतिम निर्णय सभी संबंधित हितधारकों से विचार-विमर्श करने के बाद ही लिया जाएगा। शनिवार को मंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले संबंधित पक्षों की राय ली जाए। उनके सुझावों और विचारों की समीक्षा करने के बाद ही अंतिम फैसला किया जाए। अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।सरकार के इस निर्देश के बाद स्पष्ट हो गया है कि माँ सीता महिला विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्ताव पर तत्काल कोई फैसला नहीं होगा। पहले संबंधित हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। बैठक के दौरान सामने आने वाले सुझावों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
विधान परिषद चुनाव के बाद शुरू होगी चर्चा
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय को लेकर हितधारकों के साथ बातचीत बिहार विधान परिषद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शुरू की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने से पहले इस मामले में आगे की चर्चा और कार्रवाई नहीं की जाएगी।इस निर्देश के अनुसार विश्वविद्यालय से जुड़े प्रस्ताव पर अगले चरण की प्रक्रिया चुनाव के बाद शुरू होगी। संबंधित पक्षों को अपनी राय रखने का अवसर दिया जाएगा और उनके सुझावों के आधार पर आगे की दिशा तय की जाएगी।सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल प्रस्ताव विचाराधीन है। इसलिए विश्वविद्यालय की स्थापना या उससे जुड़े अन्य मामलों में किसी निर्णय को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
सभी हितधारकों के साथ बैठक बुलाने के निर्देश
मंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर को निर्देश दिया कि माँ सीता महिला विश्वविद्यालय से जुड़े सभी संबंधित हितधारकों की बैठक बुलाई जाए। बैठक का उद्देश्य प्रस्ताव के संबंध में अलग-अलग पक्षों के विचारों को समझना और उनके सुझाव प्राप्त करना होगाउन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित लोगों की बात सुनी जानी चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि सभी पक्षों को चर्चा में शामिल होने का अवसर मिले।बैठक में प्राप्त सुझावों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही प्रस्तावित विश्वविद्यालय के संबंध में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।इस प्रक्रिया में हितधारकों की राय को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सरकार का निर्देश है कि निर्णय लेने से पहले संबंधित पक्षों के विचारों को समझा जाए, ताकि अंतिम फैसला उपलब्ध सुझावों और विचार-विमर्श के आधार पर किया जा सके।
अभी तक नहीं लिया गया कोई अंतिम निर्णय
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रस्तावित माँ सीता महिला विश्वविद्यालय के संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित हितधारकों से बातचीत और उनके सुझावों की समीक्षा के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।इस स्पष्टीकरण से विश्वविद्यालय के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति सामने आई है। अभी यह मामला निर्णय की प्रक्रिया में है और अंतिम फैसले के लिए संबंधित पक्षों के साथ चर्चा होना बाकी है।अधिकारियों के अनुसार आगे की कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और निर्धारित विचार-विमर्श के बाद होगी। ऐसे में फिलहाल विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को लेकर किसी अंतिम परिणाम की घोषणा नहीं की गई है।
सुझावों के आधार पर तय होगी आगे की दिशा
सम्राट चौधरी ने अपने निर्देश में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि हितधारकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाए। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री को संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करने और उनके विचारों की समीक्षा करने को कहा।इसका अर्थ है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय के संबंध में आगे की दिशा तय करने से पहले विभिन्न पक्षों के सुझावों पर विचार किया जाएगा। बैठक में सामने आने वाली राय को अंतिम निर्णय की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद सरकार के पास संबंधित पक्षों के विचार उपलब्ध होंगे। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जानी है।सरकार की ओर से अभी बैठक की तारीख या अंतिम निर्णय की समयसीमा घोषित नहीं की गई है। केवल इतना स्पष्ट किया गया है कि चर्चा बिहार विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद शुरू होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपी गई जिम्मेदारी
माँ सीता महिला विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्ताव पर आगे की चर्चा आयोजित करने की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर को दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझावों पर विचार किया जाए।बैठक में सामने आने वाले विचारों की समीक्षा के बाद ही प्रस्ताव के संबंध में अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस तरह उच्च शिक्षा विभाग की भूमिका आगामी विचार-विमर्श में महत्वपूर्ण होगी।सम्राट चौधरी के निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी निर्णय से पहले सभी संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा किया जाना आवश्यक है।
चुनाव के बाद विश्वविद्यालय प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
प्रस्तावित माँ सीता महिला विश्वविद्यालय का मामला अब बिहार विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले चरण में पहुंचेगा। चुनाव समाप्त होने पर हितधारकों के साथ बैठक आयोजित करने और उनके सुझावों की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू होगी।सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विश्वविद्यालय से संबंधित निर्णय बिना चर्चा के नहीं लिया जाएगा। सभी पक्षों की राय प्राप्त करने के बाद ही अंतिम फैसला होगा।फिलहाल अधिकारियों ने किसी अंतिम निर्णय से इनकार किया है। ऐसे में प्रस्तावित माँ सीता महिला विश्वविद्यालय को लेकर आगे की स्थिति चुनाव के बाद होने वाली बैठक और उसमें प्राप्त सुझावों की समीक्षा के आधार पर स्पष्ट होगी।सरकार के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय से जुड़े प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय को शामिल करना है। अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम हितधारकों के साथ बैठक होगी, जिसके बाद प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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