बिहार

नीट यूजी 2026 धांधली मामले में बड़ा एक्शन, ईओयू ने मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को दबोचा

Kavita2
14 Aug 2026 9:32 AM IST
नीट यूजी 2026 धांधली मामले में बड़ा एक्शन, ईओयू ने मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को दबोचा
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पटना। नीट यूजी 2026 धांधली और अनियमितता मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों पर हुई कथित धांधली के मामले में कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट, उसके सहोदर भाई अश्विनी कुमार और नीट से जुड़े एक अन्य आरोपी डॉ. उज्ज्वल राज को गिरफ्तार किया है।

ईओयू के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर नीट परीक्षा में अनियमितता और सेटिंग करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने आगामी नीट परीक्षा में भी धांधली की तैयारी कर ली थी। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

जांच एजेंसी ने बताया कि डॉ. रविशंकर और डॉ. उज्ज्वल राज की गिरफ्तारी पटना के जक्कनपुर स्थित आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र के बाहर से की गई। दोनों आरोपी एमबीबीएस के छात्र हैं और यहां तीसरे वर्ष की पूरक परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान ईओयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, डॉ. रविशंकर और डॉ. उज्ज्वल राज नालंदा जिले के पावापुरी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं। दोनों पर नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामले में संलिप्त होने का आरोप है। वहीं, डॉ. रविशंकर को इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है।

ईओयू की जांच में सामने आया है कि लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों पर नीट परीक्षा में अनियमितता की गई थी। इस मामले में एजेंसी पहले से जांच कर रही थी। जांच के दौरान कई अहम जानकारियां मिलीं, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले ही सेटिंग का नेटवर्क तैयार कर लिया था। गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में मदद पहुंचाने और अनुचित तरीके से सफलता दिलाने की योजना बनाई गई थी। ईओयू अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित लाभार्थियों की जानकारी जुटा रही है।

इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी लगातार तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य जानकारियों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

ईओयू अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकती है। इसी को देखते हुए जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही हैं।

डॉ. रविशंकर, अश्विनी कुमार और डॉ. उज्ज्वल राज की गिरफ्तारी के बाद अब ईओयू की जांच और तेज होने की संभावना है। एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क और धांधली के तरीके का खुलासा किया जा सकता है।

नीट यूजी 2026 मामले में हुई इस कार्रवाई को जांच एजेंसी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ईओयू का कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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