बिहार

टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई, IAS संजीव हंस पर शिकंजा

Saba Naaz
24 Jun 2026 6:29 PM IST
टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई, IAS संजीव हंस पर शिकंजा
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Bihar: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों के खिलाफ करीब 4000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। जांच एजेंसी का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी, अनियमितता और सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। SVU के अनुसार यह मामला कई स्तरों पर फैले भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है, जिसमें बड़े अधिकारियों और टेंडर माफिया की भूमिका सामने आई है।

जांच एजेंसी ने जिन सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें टेंडर माफिया रिशु श्री, IAS अधिकारी संजीव हंस, संतोष कुमार, पवन कुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश कुमार सिंह के खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। SVU का कहना है कि टेंडर दिलाने के बदले 7 से 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था, जिसे विभिन्न स्तरों पर बांटा जाता था।

जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में मोबाइल डेटा, वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर कई अहम सबूत मिले हैं। टीम ने सहरसा, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में छापेमारी कर गवाहों के बयान दर्ज किए और महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए। इसके बाद विस्तृत जांच के आधार पर चार्जशीट तैयार की गई।

छापेमारी के दौरान रिशु श्री के ठिकानों से 61 संपत्तियों के दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया है। इसके साथ ही करोड़ों रुपये के आभूषण और वित्तीय रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि कुछ ही वर्षों में उसकी संपत्ति में असामान्य वृद्धि देखी गई है, जो संदेह के घेरे में है।

SVU के एडीजी पंकज दराद ने बताया कि IAS अधिकारी संजीव हंस और पवन कुमार फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दो अन्य IAS अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। हालांकि अभी तक उनकी सीधी भूमिका के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन जांच जारी है।

इसके अलावा वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी और भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारिणी दास पर भी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और कमीशन लेने के आरोप लगे हैं। वहीं बुडको के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह के ठिकानों से करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिलने का दावा किया गया है।

SVU का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। एजेंसी ने साफ किया है कि चार्जशीट में शामिल सभी सात आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और इसी आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। अब इस मामले की आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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