
Bihar: नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चंडीगढ़ साइबर थाना की टीम के साथ संयुक्त छापेमारी के दौरान लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार को चंडीगढ़ साइबर थाना कांड संख्या-70/26 के फरार और संदिग्ध आरोपियों की तलाश में की गई थी। पुलिस ने चैनपुरा गांव में छापेमारी कर यह गिरफ्तारी की। हालांकि इस मामले के मुख्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन इस कार्रवाई में तीन अन्य आरोपी पकड़े गए।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई अहम साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोनों के जरिए ठगी के नेटवर्क को चलाया जा रहा था और लोगों को लोन दिलाने के नाम पर फंसाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग वित्तीय योजनाओं और कंपनियों के नाम पर लोगों को आसान लोन का झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चैनपुरा गांव निवासी सत्यवीर कुमार, सन्नी कुमार और वारिसलीगंज शहर के जवाहर पार्क मोहल्ला निवासी अंकित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे मुद्रा लोन, बजाज फाइनेंस और अन्य वित्तीय संस्थानों के नाम पर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनसे विभिन्न तरीकों से पैसे की ठगी की जाती थी।
पुलिस ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच भी की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने जानकारी दी कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी और जांच जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय क्षेत्र में साइबर ठगी को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लोन या वित्तीय ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करें, ताकि वे इस तरह की ठगी का शिकार न हों।





