बिहार

सीतामढ़ी पहुंचे महात्मा गांधी के परनाति तुषार गांधी बोले

SHIDDHANT
28 Oct 2025 9:58 PM IST
सीतामढ़ी पहुंचे महात्मा गांधी के परनाति तुषार गांधी बोले
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Bihar बिहार: विधानसभा चुनाव के बीच महात्मा गांधी के परनाति तुषार गांधी का सीतामढ़ी दौरा राजनीतिक रूप से खास रहा। गांधीवादी विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी ने बुधवार को कहा कि वे पिछले कई महीनों से बिहार का दौरा कर रहे हैं और यह उनकी चौथी यात्रा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि उनकी यात्राएं प्रारंभ में सामाजिक संवाद और जन-जागरण के उद्देश्य से की गई थीं, लेकिन इन दौरों का लक्ष्य हमेशा आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर जनता के बीच महागठबंधन (Mahagathbandhan) के विचारों को फैलाना था।
उन्होंने कहा, “यह मेरा चुनाव घोषित होने के बाद का पहला दौरा है, लेकिन इससे पहले की सभी यात्राएं हमने इसी उद्देश्य से की थीं — जनता से मिलना, उनकी समस्याएं समझना और यह बताना कि बिहार को समावेशी, प्रगतिशील और मानवीय राजनीति की जरूरत है। हम यहां महागठबंधन के समर्थन में लोगों से संवाद करने आए हैं और यही हमारा कार्य है।”
तुषार गांधी ने कहा कि आज के समय में देश और बिहार दोनों को ऐसी राजनीति की जरूरत है जो नफरत नहीं, बल्कि सद्भाव, समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का संदेश आज भी प्रासंगिक है और राजनीति में अहिंसा, ईमानदारी और पारदर्शिता के मूल्यों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि “आज राजनीति में संवाद की जगह प्रचार ने ले ली है, और सत्य की जगह झूठ का बाजार सजा दिया गया है। हम उस विरासत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिसे बापू ने हमें सौंपी थी — सच्चाई और सेवा की राजनीति।”
महागठबंधन के लिए जनता से अपील:
तुषार गांधी ने कहा कि वे बिहार के लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे महागठबंधन को समर्थन दें, क्योंकि यह गठबंधन सामाजिक न्याय, रोजगार, शिक्षा और किसानों के हित में काम करने का वादा करता है। उन्होंने कहा, “हम जनता से वोट मांगने नहीं, बल्कि विश्वास मांगने आए हैं। हम चाहते हैं कि बिहार विकास के उस रास्ते पर आगे बढ़े, जहां हर गरीब और वंचित वर्ग की आवाज सुनी जाए।”
उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा से गांधीवादी विचारों की धरती रही है। “यह वही राज्य है जहां से चंपारण आंदोलन शुरू हुआ था, जिसने भारत की स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी। अब फिर से बिहार को देश में सामाजिक बदलाव की मिसाल बनना होगा।”
स्थानीय लोगों से संवाद और चर्चा:
तुषार गांधी ने सीतामढ़ी में स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को राजनीति से मोहभंग नहीं, बल्कि उसे बदलने की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर गांधीजी के समय के युवा सत्याग्रह कर सकते थे, तो आज के युवा भी लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज उठा सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे सबसे अहम हैं, और महागठबंधन को इन विषयों पर ठोस नीति बनानी होगी। “बिहार के लाखों युवा पलायन के लिए मजबूर हैं। यह स्थिति तभी बदलेगी जब राजनीति ईमानदारी से जनता की बात सुने और सत्ता को सेवा का माध्यम बनाए,” उन्होंने कहा।
महागठबंधन नेताओं के साथ रणनीतिक बैठक:
सूत्रों के अनुसार, तुषार गांधी ने सीतामढ़ी प्रवास के दौरान महागठबंधन के प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात की और आगामी चुनाव प्रचार को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गांधीवादी कार्यकर्ताओं का मकसद जनता को यह याद दिलाना है कि सच्ची राजनीति जनसेवा से शुरू होती है, सत्ता से नहीं।
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