बिहार

मदनपुर-पनियहवा सड़क की मरम्मत जल्द

Kavita2
19 Sept 2026 4:36 PM IST
मदनपुर-पनियहवा सड़क की मरम्मत जल्द
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पश्चिम चंपारण। जिले के मदनपुर-पनियहवा मार्ग के करीब छह किलोमीटर लंबे हिस्से के रखरखाव और मरम्मत की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाली इस सड़क के मरम्मत प्रस्ताव को राज्य वन्यप्राणी परिषद की ओर से हरी झंडी मिल गई है। अब प्रस्ताव को अंतिम अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति के पास भेजा गया है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद सड़क पर आवश्यक मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू किया जा सकेगा।

स्थानीय सांसद सुनील कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, सड़क का एक हिस्सा संरक्षित वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसी वजह से सामान्य सड़क की तरह सीधे मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया जा सकता और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित आवश्यक मंजूरी लेना जरूरी है।

छह किलोमीटर हिस्से की हालत खराब

मदनपुर-पनियहवा मार्ग का करीब छह किलोमीटर लंबा हिस्सा लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस कर रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र के लोगों के लिए यह सड़क आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जर्जर सड़क के कारण यात्रा में अधिक समय लगने के साथ वाहनों को भी नुकसान होने की आशंका रहती है। बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब होने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत की मांग उठती रही है। लेकिन वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र से सड़क गुजरने के कारण मरम्मत कार्य के लिए वन्यजीव संबंधी मंजूरी आवश्यक थी।

राज्य वन्यप्राणी परिषद से मिली मंजूरी

सड़क की मरम्मत से संबंधित प्रस्ताव को राज्य वन्यप्राणी परिषद के समक्ष रखा गया था। परिषद से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद अब प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है।

प्रस्ताव राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति को भेजा गया है। समिति से अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही वन क्षेत्र के भीतर सड़क पर काम शुरू किया जा सकेगा।

संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को ध्यान में रखा जाता है। इसी कारण ऐसी परियोजनाओं को कई स्तर की स्वीकृति प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

अब अंतिम स्वीकृति का इंतजार

राज्य स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद अब सड़क के रखरखाव का काम राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति की अनुमति पर निर्भर है। समिति प्रस्ताव से जुड़े पर्यावरणीय और वन्यजीव संरक्षण के पहलुओं को देखते हुए अंतिम निर्णय करेगी।

अनुमोदन मिलने के बाद संबंधित विभाग मरम्मत कार्य की आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। इसमें सड़क की मौजूदा स्थिति के अनुसार आवश्यक सुधार, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और आवागमन को सुगम बनाने से जुड़े काम किए जाने की उम्मीद है।

हालांकि काम कब शुरू होगा और इसे पूरा करने के लिए कितनी समय-सीमा निर्धारित की जाएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी अंतिम स्वीकृति के बाद ही सामने आएगी।

सांसद सुनील कुमार ने दी जानकारी

स्थानीय सांसद सुनील कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मदनपुर-पनियहवा सड़क के छह किलोमीटर हिस्से की मरम्मत से संबंधित प्रस्ताव को राज्य स्तर से मंजूरी मिल चुकी है और इसे राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति के पास भेजा गया है।

उन्होंने सड़क की खराब स्थिति और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए इसकी मरम्मत को जरूरी बताया है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

फिलहाल राष्ट्रीय स्तर की अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

VTR से होकर गुजरती है सड़क

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्र है। यहां बाघ सहित विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव पाए जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में सड़क, भवन या अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों के लिए पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।

मदनपुर-पनियहवा मार्ग का संबंधित हिस्सा वीटीआर वन क्षेत्र से गुजरने के कारण इसके रखरखाव और मरम्मत के लिए भी निर्धारित अनुमति प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

सड़क की मरम्मत करते समय वन्यजीवों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास पर कम से कम प्रभाव पड़े, इसके लिए संबंधित विभागों को स्वीकृति के साथ निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

स्थानीय लोगों को राहत की उम्मीद

सड़क की मरम्मत होने से आसपास के गांवों और इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क से दैनिक आवागमन के साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार और अन्य गतिविधियों में भी सुविधा हो सकती है।

खराब सड़क पर वाहनों की गति कम हो जाती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेष रूप से रात और बारिश के समय जर्जर सड़क पर सफर करना अधिक मुश्किल हो जाता है।

छह किलोमीटर लंबे हिस्से की मरम्मत के बाद वाहन चालकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि सड़क वीटीआर के भीतर से गुजरती है, इसलिए यातायात व्यवस्था में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन भी महत्वपूर्ण रहेगा।

मंजूरी के बाद शुरू होगी आगे की प्रक्रिया

राष्ट्रीय वन्यप्राणी परिषद की स्थायी समिति से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभाग परियोजना के अगले चरण पर काम करेगा। इसके बाद तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा कर सड़क की मरम्मत शुरू की जा सकेगी।

स्थानीय लोगों की नजर अब अंतिम स्वीकृति पर टिकी हुई है। राज्य वन्यप्राणी परिषद की मंजूरी मिलने से परियोजना ने एक महत्वपूर्ण चरण पार कर लिया है, लेकिन वास्तविक निर्माण कार्य राष्ट्रीय स्तर की अनुमति मिलने के बाद ही शुरू होगा।

मदनपुर-पनियहवा मार्ग के इस छह किलोमीटर हिस्से की मरम्मत से एक तरफ स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ काम के दौरान वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही मरम्मत की समय-सीमा और काम की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट हो सकेगी।

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