बिहार

लंबी दूरी की ट्रेनों में भी अब बिना आरक्षण के जनरल टिकट पर होगा सफर, जानिए कैसे

Renuka Sahu
2 March 2022 2:09 AM GMT
लंबी दूरी की ट्रेनों में भी अब बिना आरक्षण के जनरल टिकट पर होगा सफर, जानिए कैसे
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फाइल फोटो 

आने वाले समय में रेलवे यात्रियों को अब कोविड काल के पहले की तरह यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आने वाले समय में रेलवे यात्रियों को अब कोविड काल के पहले की तरह यात्रा करने का विकल्प मिलेगा। रेल मंत्रालय ने देश भर की ट्रेनों में अनारक्षित बोगियों की पुनर्बहाली की व्यवस्था करने की घोषणा की है। मंत्रालय की ओर से इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग) विपुल सिंघल ने सभी जोनल रेलवे के चीफ कॉमर्शियल मैनेजर को पत्र भेज दिया है। हालांकि, ट्रेनों में जनरल टिकट पर यात्रा उस तिथि से लोग कर सकेंगे जब तक कि उस ट्रेन में पूर्व से आरक्षण न कराया गया हो।

रेलवे बोर्ड के पत्र के मुताबिक नियमित ट्रेन नंबरों के साथ पहले से बहाल ट्रेनों में कोविड के पूर्व लागू द्वितीय श्रेणी के कोच के लिए आरक्षित व अनारक्षित लागू नियम पुनर्बहाल किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों को यह फायदा होगा कि जनरल बोगियों में यात्रा के लिए अब पहले की तरह आरक्षण कराने के झंझट से निजात मिल जाएगी। यानी लोग आसानी से अनारक्षित टिकट खरीदकर यात्रा कर सकते हैं। इसका फायदा सबसे अधिक उन यात्रियों को होगा जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। बता दें कि पूर्व मध्य रेल में अभी कुल 300 से अधिक ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।
सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यह पुनर्बहाली किसी ट्रेन में अग्रिम आरक्षण अवधि खत्म होने के दिन से लागू होगी अथवा यह उस दिन से लागू होगा जिस दिन से कोई आरक्षण नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अभी के समय में अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिनों की है। ऐसे में मान लीजिए कि अगर किसी व्यक्ति ने 28 फरवरी को जरनल बोगी में यात्रा के लिए टिकट आरक्षित कराया है तो उस ट्रेन में 120 दिन के बाद से अनारक्षित बोगी में आरक्षण नहीं हो सकेगा। यानी 28 जून से उस ट्रेन में जनरल टिकट पर लोग यात्रा कर सकते हैं। साथ ही दूसरी ओर अगर उस ट्रेन में मान लीजिए कि यात्रियों का अग्रिम आरक्षण 15 मार्च तक का ही है, तो उस स्थिति में 15 मार्च के बाद यात्री सामान्य बोगी में टिकट आरक्षित नहीं करा सकेंगे। इसके बाद से ट्रेन में जनरल टिकट पर ही यात्रा होगी। पटना जंक्शन के अनारक्षित बुकिंग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कोविड के पूर्व रोजाना औसतन 20 लाख रुपए की आमदनी होती थी। अभी यह घटकर 10 से 12 लाख रुपए पर आ गई है। अब अनारक्षित टिकट पर सभी ट्रेनों में यात्रा से अनारक्षित काउंटर की कमाई बढ़ जाएगी।
पूर्व मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के फरवरी माह तक 150.07 मिलियन टन माल का लदान किया गया है। यह पूर्व मध्य रेल द्वारा किसी एक वित्तीय वर्ष में किये गये माल लदान की तुलना में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल को किसी एक वित्त वर्ष में 150 मिलियन टन या इससे अधिक माल का लदान करने वाले भारतीय रेल के तीन अन्य क्षेत्रीय रेलों के विशिष्ट क्लब में शामिल होने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल के 17 क्षेत्रीय रेलों में अब तक पूर्व तटीय रेल/भुवनेश्वर, दक्षिण पूर्व मध्य रेल/बिलासपुर तथा दक्षिण पूर्व रेलवे/कोलकाता ने ही यह उपलब्धि हासिल की है। सीपीआरओ ने बताया कि पूर्व मध्य रेल द्वारा वर्ष 2019-20 में 149.34 मीलियन टन माल लदान किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड था।
फरवरी, 2022 तक रिकॉर्ड 150.07 मिलियन टन माल लदान के बाद चालू वित्त वर्ष के अंत तक माल लदान 165 मीलियन टन को पार करने की दिशा में 24 घंटे कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त वर्ष 2021-22 के फरवरी माह तक प्रतिदिन औसतन 6780 वैगन माल ढुलाई की गई। इस अवधि में पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लोड किए गए वस्तुओं में कोयला, लौह अयस्क, पेट्रोलियम उत्पाद, सीमेंट, स्टील, खाद्यान, रासायनिक खाद, खनिज तेल एवं कारखानों के लिए कच्चे माल आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। सीपीआरओ ने बताया कि पूर्व मध्य रेल द्वारा फरवरी तक किए गए 150.07 मीलियन टन में सर्वाधिक (90 प्रतिशत) कोयला का लदान किया गया। इस प्रकार धनबाद मंडल द्वारा फरवरी, 2022 तक 142.85 मिलियन टन माल लदान किया गया, जबकि दानापुर मंडल द्वारा 2.79 मीलियन टन, सोनपुर मंडल द्वारा 2.19 मीलियन टन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल द्वारा 1.54 मिलियन टन तथा समस्तीपुर मंडल द्वारा 0.70 मिलियन टन माल लदान किया गया।
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