
मोतिहारी। जिले के पीपराकोठी थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार सुबह हरपुर तीन मुहानी के पास छापेमारी कर एक कंटेनर और कार से 247 कार्टन में करीब 2208 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। शराब को कटे-फटे कपड़ों के बंडलों के बीच छिपाकर हरियाणा से लाया जा रहा था। टीम ने मौके से कंटेनर चालक को गिरफ्तार करने के साथ शराब के परिवहन में इस्तेमाल कंटेनर और कार को जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार चालक की पहचान हरियाणा के पानीपत जिले के मॉडल टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत कावेरी रोड कच्चा फाटक, हरी नगर निवासी मनीष कुमार के रूप में हुई है। उत्पाद विभाग अब चालक से मिली जानकारी के आधार पर शराब की खेप मंगाने वाले लोगों और तस्करी के पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गया है।
उत्पाद निरीक्षक इमरान अंसारी के अनुसार, विभाग की टीम ने दोनों वाहनों की तलाशी ली तो बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। कुल 247 कार्टन में रखी शराब की मात्रा करीब 2208 लीटर आंकी गई है।
हरपुर तीन मुहानी के पास चल रही थी अनलोडिंग
जानकारी के मुताबिक शराब से भरा कंटेनर हरियाणा से आया था। शनिवार सुबह इसे हरपुर तीन मुहानी के पास रोका गया था। आरोप है कि यहां कंटेनर से शराब निकालकर एक कार में रखी जा रही थी।
इसी दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने कार्रवाई कर दी। अचानक टीम को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। विभागीय टीम ने कंटेनर और कार को अपने कब्जे में लेकर तलाशी शुरू की।
जांच के दौरान वाहनों से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद होने के बाद कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। कार और कंटेनर दोनों को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
कपड़ों के बंडलों की आड़ में तस्करी
शराब तस्करों ने खेप को छिपाने के लिए नया तरीका अपनाया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंटेनर में कटे-फटे कपड़ों के बंडल रखे गए थे और इन्हीं के बीच शराब के कार्टन छिपाकर लाए जा रहे थे।
ऊपर से देखने पर कंटेनर में कपड़ा लदा हुआ प्रतीत हो, इसी उद्देश्य से शराब को बंडलों के बीच छिपाया गया था। लेकिन उत्पाद विभाग की तलाशी में तस्करी का पूरा खेल सामने आ गया।
अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि शराब किस स्थान से लोड की गई थी और इसके परिवहन में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
247 कार्टन शराब बरामद
उत्पाद निरीक्षक इमरान अंसारी के मुताबिक तलाशी के दौरान कुल 247 कार्टन विदेशी शराब मिली। इन कार्टनों में लगभग 2208 लीटर शराब होने की जानकारी दी गई है।
इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी के बाद विभाग इसे संगठित तस्करी से जोड़कर जांच कर रहा है। शराब की खेप को छोटे वाहनों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने की योजना थी या किसी एक ठिकाने पर ले जाया जाना था, इसका पता लगाया जा रहा है।
कार में शराब अनलोड किए जाने से आशंका है कि कंटेनर से माल निकालकर आगे छोटे वाहनों के जरिए अलग-अलग इलाकों में भेजा जाना था। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
हरियाणा का चालक गिरफ्तार
मौके से गिरफ्तार कंटेनर चालक मनीष कुमार हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है। उत्पाद विभाग उससे पूछताछ कर शराब की सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने अधिकारियों को बताया कि शराब की डिलीवरी पीपराकोठी में कथित तौर पर ‘बाबा पंडित’ नाम के व्यक्ति को दी जानी थी। विभाग अब इस जानकारी का सत्यापन कर रहा है।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि यह नाम वास्तविक है या तस्करी नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाने वाला कोई दूसरा नाम। संबंधित व्यक्ति की पहचान और भूमिका की पुष्टि के लिए अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
हरियाणा से पहुंची थी शराब की खेप
पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक कंटेनर शराब लेकर हरियाणा से चला था। लंबी दूरी तय करने के दौरान जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए शराब के कार्टनों को कपड़ों के बंडलों के बीच रखा गया था।
अब उत्पाद विभाग कंटेनर की यात्रा से जुड़ी जानकारी भी खंगाल सकता है। वाहन ने किन रास्तों का इस्तेमाल किया, कहां-कहां रुका और रास्ते में किन लोगों से संपर्क हुआ, इन सवालों के जवाब तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
वाहन से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इससे कंटेनर के मालिक और इसके नियमित संचालन से जुड़े लोगों की जानकारी सामने आ सकती है।
कार की भूमिका की भी जांच
कंटेनर के साथ जब्त कार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कार किसकी है और उसे शराब लेने के लिए मौके पर कौन लेकर पहुंचा था।
यदि कार में शराब की अनलोडिंग की जा रही थी तो उससे जुड़े लोगों की पहचान पूरे नेटवर्क को उजागर करने में अहम साबित हो सकती है। वाहन के पंजीकरण और स्वामित्व से संबंधित जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
मौके से कोई अन्य व्यक्ति फरार हुआ है या नहीं, इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी के बाद उत्पाद विभाग की जांच अब केवल गिरफ्तार चालक तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का जोर शराब भेजने वाले, उसे मंगाने वाले और स्थानीय स्तर पर वितरण से जुड़े लोगों की पहचान पर है।
चालक के मोबाइल फोन और संपर्कों से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकती हैं।
पीपराकोठी में जिस व्यक्ति को शराब की डिलीवरी दिए जाने की बात सामने आई है, उसकी भूमिका की पुष्टि भी जांच का प्रमुख हिस्सा होगी।
शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज
उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई बताती है कि तस्कर शराब पहुंचाने के लिए लगातार अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कभी मालवाहक वाहनों में दूसरे सामान के बीच तो कभी छोटे वाहनों के जरिए शराब छिपाकर पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
ऐसे में विभाग भी सूचना तंत्र और वाहनों की जांच के माध्यम से तस्करों पर शिकंजा कस रहा है। हरपुर तीन मुहानी की कार्रवाई में बड़ी खेप पकड़े जाने से तस्करों के संभावित नेटवर्क को झटका लगा है।
फिलहाल 247 कार्टन में करीब 2208 लीटर विदेशी शराब, कंटेनर और कार को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार चालक से पूछताछ जारी है। अब विभाग की नजर उस व्यक्ति और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने पर है, जिन्हें कथित तौर पर यह खेप सौंपी जानी थी।





