बिहार

बिहार में वज्रपात से पांच की मौत, किशोर झुलसा

Kavita2
16 July 2026 9:42 AM IST
बिहार में वज्रपात से पांच की मौत, किशोर झुलसा
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पटना : बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच लगातार हो रही बारिश के साथ वज्रपात की घटनाओं ने जनजीवन पर गंभीर असर डाला है। बुधवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। समस्तीपुर, लखीसराय और गया जिलों में हुई इन घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग के तहत निर्धारित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित समस्तीपुर जिला रहा, जहां सरायरंजन प्रखंड में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय रंजीत कुमार और 40 वर्षीय कारी देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों अलग-अलग स्थानों पर बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी घटना में 16 वर्षीय छोटू कुमार भी वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड में भी वज्रपात ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। यहां 57 वर्षीय वाल्मीकि चंद्रवंशी और 27 वर्षीय गिरीश कुमार की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों बारिश के दौरान अपने-अपने कार्य में लगे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वे उसकी चपेट में आ गए। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

गया जिले के शेरघाटी प्रखंड के बेलडीह गांव में भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां 13 वर्षीय छात्र अंकुश राज स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश के साथ वज्रपात हुआ। इसी दौरान अंकुश आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। ग्रामीण उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक होनहार छात्र की असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। स्कूल के शिक्षकों और सहपाठियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

इन घटनाओं के बाद संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन ने बताया कि सभी मामलों में आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन योजना के तहत मृतकों के परिजनों को निर्धारित अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। घायल किशोर के इलाज की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार में मानसून के दौरान हर वर्ष वज्रपात की घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। खेतों में काम करने वाले किसान, खुले स्थानों पर मौजूद लोग तथा स्कूल या बाजार जाने वाले ग्रामीण अक्सर आकाशीय बिजली की चपेट में आ जाते हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बादलों में तीव्र विद्युत गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे वज्रपात की घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। ऐसे समय में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों के आसपास जाने से बचें। यदि अचानक तेज गर्जना या बिजली चमकने लगे तो सुरक्षित भवन के भीतर शरण लें और मौसम सामान्य होने तक बाहर न निकलें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों से अभियान चला रहा है। मोबाइल संदेश, सोशल मीडिया, रेडियो और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से समय-समय पर चेतावनी जारी की जाती है ताकि लोग सतर्क रहें और अनावश्यक जोखिम से बच सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर चेतावनी और सुरक्षा उपायों का पालन कर वज्रपात से होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

बुधवार को समस्तीपुर, लखीसराय और गया में हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि मानसून के दौरान वज्रपात एक गंभीर प्राकृतिक खतरा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान पूरी सावधानी बरतें। राज्य सरकार ने भी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जबकि स्थानीय प्रशासन राहत और सहायता कार्यों में जुटा हुआ है।

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