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पूर्व पंचायत सचिव की जान सड़क जाम
मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक पूर्व पंचायत सचिव की मौत हो गई। फुलपरास थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-27 को जाम कर दिया और मुआवजे व कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, घटना फुलपरास इलाके में हुई, जहां पूर्व पंचायत सचिव सड़क किनारे मौजूद थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे की वजह वाहन चालक द्वारा जल्दबाजी में ओवरटेक करने की कोशिश बताई जा रही है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतक की पहचान पूर्व पंचायत सचिव के रूप में हुई है। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NH-27 पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने NH-27 को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि दुर्घटना करने वाले वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
NH-27 बिहार के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है और इस पर वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। तेज रफ्तार, ओवरटेक और लापरवाही के कारण यहां अक्सर सड़क हादसों की घटनाएं सामने आती रहती हैं। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद जाम हटाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए।
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