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बैग में छिपी थी 36 लाख की चांदी
गया : बिहार के गया रेलवे जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक यात्री के बैग से करीब 36 लाख रुपये की चांदी बरामद की है। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के दौरान जवानों ने भारी पिट्ठू बैग लेकर जा रहे व्यक्ति को रोका। जब उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें 14.835 किलोग्राम चांदी के जेवरात और चांदी मिली। बरामद सामान की अनुमानित कीमत 36 लाख 34 हजार 575 रुपये बताई गई है। यात्री चांदी के स्वामित्व और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल ने चांदी जब्त कर व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है।
ऑपरेशन सतर्क के तहत स्टेशन पर चल रही थी जांच
गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल की ओर से लगातार संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। ऑपरेशन सतर्क के तहत स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाती है। 13 अक्टूबर को आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव के निर्देशन में अधिकारी और जवान स्टेशन परिसर में निगरानी कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली छोर पर स्थित फुट ओवरब्रिज के पास एक व्यक्ति भारी पिट्ठू बैग लेकर प्लेटफॉर्म नंबर छह और सात की ओर जाता दिखाई दिया। उसकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए जवानों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की। इसके बाद बैग की जांच की गई।
बैग खोलते ही मिली 14.835 किलो चांदी
तलाशी के दौरान बैग से बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण और चांदी बरामद हुई। जब सभी सामान का वजन कराया गया, तो कुल मात्रा 14.835 किलोग्राम निकली। बरामद चांदी की अनुमानित कीमत 36 लाख 34 हजार 575 रुपये आंकी गई। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातु मिलने के बाद आरपीएफ ने यात्री से इसके स्वामित्व और परिवहन के संबंध में पूछताछ की। अधिकारियों ने उससे संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद आरपीएफ ने नियमानुसार चांदी जब्त कर आगे की प्रक्रिया शुरू की।
पश्चिम बंगाल का रहने वाला है हिरासत में लिया गया व्यक्ति
पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने अपनी पहचान जमशेद अली मलिक के रूप में बताई। उसकी उम्र 36 वर्ष है। वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दासपुर थाना क्षेत्र स्थित उदयचक गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम उल्फात मलिक बताया गया है। आरपीएफ ने व्यक्ति से इतनी बड़ी मात्रा में चांदी लेकर यात्रा करने का कारण पूछा। साथ ही चांदी के स्रोत, स्वामित्व और परिवहन से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आई जानकारियों की जांच की जा रही है। फिलहाल बिना दस्तावेज चांदी ले जाने के मामले में संबंधित विभागों को सूचना दी गई है।
आयकर विभाग को भेजी गई पूरी जानकारी
चांदी बरामद होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले की लिखित सूचना आयकर विभाग, पटना को दी है। आयकर विभाग बरामद चांदी के स्वामित्व, खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगा। यह भी देखा जाएगा कि चांदी का परिवहन निर्धारित कर एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। जांच में यदि किसी प्रकार की कर संबंधी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, केवल मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने के आधार पर कर चोरी या तस्करी का अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
कहां से आई चांदी, जांच में जुटे अधिकारी
रेलवे सुरक्षा बल चांदी के स्रोत और इसे ले जाने के उद्देश्य की जानकारी जुटा रहा है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि इतनी बड़ी मात्रा में चांदी कहां से प्राप्त हुई और इसका वास्तविक मालिक कौन है। आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान उपनिरीक्षक इन्द्र कुमार, प्रधान आरक्षी सचिन्द्र कुमार, आरक्षक अमित कुमार, शशि शेखर, मुकेश कुमार और सहायक उपनिरीक्षक अनिल कुमार चौधरी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामान के संबंध में आगे की कार्रवाई आयकर विभाग के स्तर पर की जा रही है।
रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध सामान की जांच जारी
गया जंक्शन पर ऑपरेशन सतर्क के तहत आरपीएफ यात्रियों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में चांदी मिलने के बाद जांच का विषय उसके स्वामित्व और परिवहन संबंधी दस्तावेज बन गया है। रेलवे सुरक्षा बल ने बरामद चांदी को जब्त कर संबंधित विभाग को सूचना दे दी है। आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा कि चांदी के परिवहन में किसी कानून या कर संबंधी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
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