
पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। लालू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में नदियों के रखरखाव और बाढ़ नियंत्रण के लिए जरूरी धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाला एक पैसा भी बिहार को नहीं मिला।
लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बाढ़ के स्थायी समाधान की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाली बाढ़ की समस्या को लेकर बिहार लंबे समय से संघर्ष कर रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया है।
नेपाल सरकार से करनी होगी दो टूक बातचीत
लालू यादव ने कहा कि बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ का बड़ा कारण नेपाल से आने वाली नदियों का पानी है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को नेपाल सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट और ठोस बातचीत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नदियों के प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और जल नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। लालू यादव का कहना है कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक बिहार के लोगों को हर साल बाढ़ की परेशानी झेलनी पड़ेगी।
2011 के लोकसभा भाषण का वीडियो साझा किया
राजद सुप्रीमो ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लोकसभा में वर्ष 2011 में दिए गए अपने भाषण का वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से बिहार में बाढ़ और नेपाल से आने वाले पानी के मुद्दे को उठाते रहे हैं।
उन्होंने लिखा कि पक्ष और विपक्ष दोनों में रहते हुए उन्होंने बिहार और बिहारियों के हक की लड़ाई लड़ी है। लालू यादव ने दावा किया कि बिहार के अधिकारों को लेकर जितना संघर्ष उन्होंने किया, उतना किसी और ने नहीं किया।
कर्पूरी ठाकुर का भी किया जिक्र
लालू यादव ने अपने बयान में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने भी बिहार की बाढ़ और नदियों से जुड़े मुद्दों को उठाया था।
उन्होंने कहा कि बिहार की बाढ़ केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि इसके समाधान के लिए लंबे समय से नीति और योजना की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया गया।
केंद्र पर लगाया बजट नहीं देने का आरोप
लालू यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार को उसके हिस्से का बजट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में बिहार से करीब एक दर्जन मंत्री थे, लेकिन इसके बावजूद बिहार को अपेक्षित संसाधन नहीं मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के विकास और बाढ़ नियंत्रण के लिए जरूरी धन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसका खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
हर साल लाखों लोग होते हैं प्रभावित
बिहार में हर साल मानसून के दौरान कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण सीमावर्ती इलाकों में पानी फैल जाता है।
बाढ़ के कारण लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। खेती, सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर भी इसका असर पड़ता है। ऐसे में बाढ़ नियंत्रण को लेकर राजनीतिक दल लगातार सरकारों से स्थायी समाधान की मांग करते रहे हैं।
सियासी बयानबाजी तेज
लालू यादव के इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। राजद लगातार बाढ़, विकास और केंद्र से मिलने वाली सहायता जैसे मुद्दों को लेकर एनडीए सरकार पर हमला करता रहा है।
वहीं, एनडीए सरकार की ओर से बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों को लेकर समय-समय पर योजनाओं और اقدامات की जानकारी दी जाती रही है।
फिलहाल बिहार में बाढ़ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। लालू यादव ने नदियों के रखरखाव, नेपाल के साथ समन्वय और केंद्र से आर्थिक सहायता को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।





