
Bihar बिहार: कुरसेला (कटिहार) के नगर पंचायत क्षेत्र में टोटो (ई-रिक्शा) की लगातार बढ़ती संख्या अब गंभीर यातायात समस्या का कारण बनती जा रही है। एनएच-31, एसएच-77 सहित प्रमुख और ग्रामीण सड़कों पर अनियंत्रित रूप से चल रहे टोटो के कारण रोजाना जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टोटो चालकों द्वारा सड़क किनारे और मुख्य मार्गों पर वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने और उतारने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस वजह से यातायात बाधित रहता है और सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है। विशेषकर बाजार क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले चुकी है, जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहती है।
लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। इन समयों में स्कूल जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग, दुकानदार और अन्य वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि लोगों को तय दूरी तय करने में सामान्य से अधिक समय लग जाता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बाजार क्षेत्र में आधी सड़क पर टोटो का कब्जा रहता है, जिससे अन्य वाहनों के लिए निकलने की जगह कम पड़ जाती है। इससे न केवल जाम की समस्या बढ़ती है, बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। लोगों का कहना है कि कई बार आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों और आम नागरिकों की परेशानी और बढ़ जाती है।
एनएच-31 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी टोटो के अनियंत्रित संचालन ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। हाईवे पर भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही पहले से ही अधिक रहती है, ऐसे में टोटो के अव्यवस्थित संचालन से जोखिम और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जल्द ही इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ सकती है।
दुकानदारों का कहना है कि जाम की वजह से उनके व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहक समय पर बाजार नहीं पहुंच पा रहे हैं और कई बार वाहन फंसने के कारण लोग बाजार आने से भी कतराने लगे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी अप्रत्यक्ष असर देखने को मिल रहा है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी इस समस्या पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि स्कूल जाने के समय जाम के कारण बच्चों को समय पर पहुंचने में कठिनाई होती है। कई बार परीक्षा या महत्वपूर्ण कक्षाओं में देर होने की स्थिति भी बन जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि टोटो के संचालन के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और पार्किंग व स्टॉपेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि निश्चित स्थानों पर ही सवारी बैठाने और उतारने की व्यवस्था कर दी जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि यातायात पुलिस की नियमित तैनाती और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि अनियंत्रित वाहन संचालन पर रोक लगाई जा सके। साथ ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी जरूरी बताई जा रही है।
वर्तमान स्थिति में कुरसेला का मुख्य बाजार और एनएच-31 का हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बन गया है। यहां दिनभर वाहन रेंगते नजर आते हैं और कई बार लंबा जाम लग जाता है। इससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों की मांग है कि टोटो संचालन को व्यवस्थित करने के लिए एक ठोस ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए, जिससे यातायात सुचारू रूप से चल सके और आम जनता को राहत मिल सके।





