बिहार

कोसी एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन बनने से बची, एसी बोगी में आग लगते ही यात्रियों में मची अफरातफरी

Kavita2
12 Aug 2026 9:21 AM IST
कोसी एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन बनने से बची, एसी बोगी में आग लगते ही यात्रियों में मची अफरातफरी
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सहरसा: बिहार में बुधवार को पूर्णिया कोर्ट से हटिया (रांची) जा रही कोसी एक्सप्रेस उस समय बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई, जब ट्रेन की थर्ड एसी इकोनॉमी बोगी में अचानक आग लग गई। चलती ट्रेन में आग लगने की खबर फैलते ही यात्रियों में दहशत फैल गई। खौफजदा यात्री अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से कूदने लगे, जिससे कुछ ही देर में मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई।

बताया जा रहा है कि घटना सोनवर्षा कचहरी और सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के बीच हुई। उस समय कोसी एक्सप्रेस रफ्तार में थी। ट्रेन के थर्ड एसी इकोनॉमी कोच एम-2 में अचानक आग लगने से यात्रियों को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। बोगी में धुआं और आग दिखाई देने के बाद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने तत्काल ट्रेन से बाहर निकलने का प्रयास किया।

चलती ट्रेन में आग लगने की सूचना मिलते ही एम-2 कोच के यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कुछ यात्री घबराकर ट्रेन से कूदने लगे। ट्रेन की रफ्तार के बीच इस तरह यात्रियों के कूदने से स्थिति और खतरनाक हो गई। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी गई और बड़ा हादसा टल गया।

चलती ट्रेन में लगी आग

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोसी एक्सप्रेस पूर्णिया कोर्ट से सहरसा के रास्ते हटिया की ओर जा रही थी। ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान सोनवर्षा कचहरी और सिमरी बख्तियारपुर के बीच थर्ड एसी इकोनॉमी कोच एम-2 में आग लग गई।

आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। आग किस हिस्से से शुरू हुई और इसके पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण, इसकी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। रेलवे की ओर से घटना की तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना है।

यात्रियों में मची चीख-पुकार

एसी कोच में आग की घटना सामने आते ही यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई। कई यात्रियों ने अपने सामान को छोड़कर पहले सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश की। ट्रेन के अंदर अचानक मची अफरातफरी के कारण यात्री एक-दूसरे को पीछे छोड़कर बाहर निकलने का प्रयास करने लगे।

कुछ यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, घटना के दौरान बड़े स्तर पर जनहानि होने की सूचना सामने नहीं आई है। ट्रेन के यात्रियों में आग की खबर के बाद लंबे समय तक दहशत का माहौल बना रहा।

बड़ा हादसा टला

कोसी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने की घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। चलती ट्रेन में आग लगना बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है। अगर आग तेजी से दूसरे कोचों तक फैल जाती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था। ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे और आग के कारण कुछ ही समय में कई बोगियां इसकी चपेट में आ सकती थीं।

समय रहते स्थिति को नियंत्रित किए जाने के कारण ट्रेन के ‘बर्निंग ट्रेन’ बनने की आशंका टल गई। घटना के बाद रेलवे के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने की कार्रवाई शुरू की।

आग लगने के कारणों की जांच जरूरी

रेलवे के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल आग लगने के कारण का पता लगाना है। एम-2 कोच में आग किस वजह से लगी, इसकी तकनीकी जांच की जाएगी। आग की शुरुआत किस स्थान से हुई, कोच में विद्युत प्रणाली में कोई समस्या थी या किसी अन्य कारण से आग लगी, इन सभी बिंदुओं की जांच की जरूरत होगी।

चलती ट्रेन में आग की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे की ओर से समय-समय पर सुरक्षा उपाय किए जाते हैं। इसके बावजूद एसी कोच में इस तरह की घटना यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती है। रेलवे के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यात्रियों के बीच बना रहा डर

घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच काफी देर तक भय का माहौल रहा। जिन लोगों ने अपनी आंखों के सामने कोच में आग लगते देखी, उनके लिए यह अनुभव बेहद डरावना था। कई यात्री अपने परिवार और सामान को लेकर चिंतित दिखाई दिए।

चलती ट्रेन में आग लगने की सूचना मिलते ही यात्रियों ने अपने स्तर पर भी बचाव की कोशिश की। कुछ लोगों ने आसपास मौजूद यात्रियों को सतर्क किया और आग से दूर रहने की कोशिश की। अफरातफरी के बीच लोगों ने एक-दूसरे की मदद भी की।

रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

कोसी एक्सप्रेस में आग की यह घटना एक बार फिर ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा और कोचों में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर सवाल खड़े करती है। खासकर एसी कोच में आग लगने की स्थिति में धुआं तेजी से फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में आग लगने की शुरुआती सूचना, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था और समय पर बचाव कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल घटना के कारणों और नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। रेलवे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी और क्या इसमें किसी तरह की तकनीकी या मानवीय लापरवाही की भूमिका थी।

बहरहाल, पूर्णिया कोर्ट से हटिया जा रही कोसी एक्सप्रेस बुधवार को सोनवर्षा कचहरी-सिमरी बख्तियारपुर के बीच एक बड़े रेल हादसे का शिकार होने से बच गई। एम-2 थर्ड एसी इकोनॉमी कोच में अचानक लगी आग ने यात्रियों को दहशत में डाल दिया और कई लोग जान बचाने के लिए ट्रेन से कूदने लगे। समय रहते स्थिति संभल जाने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन घटना ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

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