
Bihar:पटना। बेऊर जेल से रिहा होने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक रौशन आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वे भावुक हो गए और कैमरे के सामने रो पड़े। उन्होंने फैजल खान उर्फ खान सर पर कई आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई और जेल में उन्हें नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। साथ ही उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को भी संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। रौशन आनंद ने दावा किया कि जेल के अंदर उन्हें धमकाने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि 13 तारीख को एक गार्ड के जरिए उन्हें मामले को “मैनेज” करने की बात कही गई, नहीं तो अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दिन उनके भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई, जिसे वह संयोग नहीं बल्कि साजिश का हिस्सा मानते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रौशन आनंद ने यह भी कहा कि उनकी गिरफ्तारी बिना पूरी जांच के की गई और इसके पीछे दबाव की भूमिका हो सकती है। उन्होंने पटना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की गई और उन्हें फंसाया गया। रिहाई के बाद रौशन आनंद सीधे अपने कोचिंग सेंटर पहुंचे, जहां छात्रों ने उनका समर्थन किया। इस दौरान कुछ छात्रों ने खान सर के खिलाफ नारेबाजी भी की। रौशन आनंद ने कहा कि यह पूरा मामला एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है और इसमें आर्थिक लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान कोल्ड स्टोरेज और अन्य संबंधित लोगों को लाभ पहुंचाया गया है और इसकी जांच जरूरी है। रौशन आनंद ने केंद्र और बिहार सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत की जांच CBI से होनी चाहिए और शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। रौशन आनंद ने कहा कि वह अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे। पूरे मामले ने राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है।





