
Bihar बिहार: बगहा-1 प्रखंड के परसा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की कक्षा 8 की छात्रा अमृता को बुधवार को कुछ समय के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) की जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला। इस दौरान उसने एसपी कार्यालय में बैठकर न केवल लोगों की समस्याएं सुनीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को भी करीब से समझा।
यह पहल बगहा पुलिस द्वारा छात्राओं को प्रेरित करने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। कार्यक्रम के तहत अमृता को प्रतीकात्मक रूप से एसपी की कुर्सी पर बैठाया गया, जहां उसने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान छात्रा ने पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद किया और यह समझने की कोशिश की कि शिकायतों के निपटारे से लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने तक की प्रक्रिया किस तरह काम करती है। अधिकारियों ने उसे पुलिस की जिम्मेदारियों और विभिन्न विभागीय कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अमृता ने इस अनुभव को बेहद प्रेरणादायक बताया। उसने कहा कि एसपी की जिम्मेदारी संभालना उसके लिए एक नया और सीखने वाला अनुभव था, जिससे उसे प्रशासनिक व्यवस्था को समझने का अवसर मिला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। इससे छात्राओं को यह समझ मिलती है कि वे भी बड़े पदों पर पहुंच सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान अन्य छात्राओं को भी पुलिस कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
बगहा पुलिस की इस पहल को शिक्षा और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है, जो भविष्य में और भी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।





