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बिहार के हर जिले में लगेगा रोजगार मेला, CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

Kavita2
24 Aug 2026 9:24 AM IST
बिहार के हर जिले में लगेगा रोजगार मेला, CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
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पटना। बिहार में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से राज्य के प्रत्येक जिले में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को उनके अपने जिले में ही प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़ने और नौकरी पाने का अवसर उपलब्ध कराना है। अब तक राज्य और प्रमंडल स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाते रहे हैं, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे जिला स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर 2026 के समापन समारोह में यह घोषणा की। इस दौरान उन्होंने रोजगार के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। जिला स्तर पर रोजगार मेले लगने से युवाओं को नौकरी की तलाश में पटना या दूसरे बड़े शहरों तक जाने की जरूरत कम होगी।

पटना में 19 से 23 अगस्त तक आयोजित मेगा जॉब फेयर में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में कुल 115 कंपनियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली इन कंपनियों ने कुल 20 हजार 226 युवाओं का चयन किया। बड़ी संख्या में युवाओं को एक ही मंच पर कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत और रोजगार हासिल करने का अवसर मिला।

आंकड़ों के अनुसार मेगा जॉब फेयर में चयनित युवाओं में 3,940 को बिहार में ही रोजगार के लिए चुना गया है। इसके अलावा 476 युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए चयनित किया गया। बाकी चयनित अभ्यर्थियों को देश के दूसरे राज्यों में स्थित कंपनियों में रोजगार के अवसर मिले हैं। इस तरह जॉब फेयर के माध्यम से बिहार के युवाओं के लिए राज्य के साथ देश और विदेश में भी रोजगार के रास्ते खुले हैं।

इस रोजगार मेले की खास बात यह भी रही कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए गए। जॉब फेयर में 36 दिव्यांगजनों का रोजगार के लिए चयन हुआ। सरकार की ओर से इसे समावेशी रोजगार व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेहनत और कौशल के दम पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अगले वर्ष से रोजगार मेलों का स्वरूप और व्यापक होने की उम्मीद है। अभी तक बड़े स्तर पर आयोजित रोजगार मेलों तक पहुंचने के लिए दूर-दराज के जिलों के युवाओं को यात्रा करनी पड़ती थी। इसमें समय और पैसे दोनों खर्च होते थे। जिला स्तर पर रोजगार मेले आयोजित होने से ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी आसानी से कंपनियों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

जिला स्तरीय रोजगार मेलों में स्थानीय जरूरतों और युवाओं के कौशल के अनुसार कंपनियों को आमंत्रित किए जाने से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। अलग-अलग जिलों में उद्योग, कृषि आधारित कारोबार, सेवा क्षेत्र, निर्माण, तकनीक और अन्य क्षेत्रों की आवश्यकताएं अलग होती हैं। ऐसे में जिला स्तर पर कंपनियों और नौकरी चाहने वाले युवाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने से दोनों पक्षों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

सरकार की इस पहल का एक उद्देश्य निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को युवाओं तक पहुंचाना भी है। सरकारी नौकरियों के साथ निजी कंपनियों में मौजूद रोजगार के अवसरों की जानकारी कई बार छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं तक आसानी से नहीं पहुंच पाती। रोजगार मेलों के जरिए कंपनियां सीधे युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी योग्यता के आधार पर चयन कर सकेंगी।

पटना के मेगा जॉब फेयर में 115 कंपनियों की भागीदारी को देखते हुए सरकार अब जिला स्तर पर भी अधिक से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों को जोड़ने की योजना पर काम कर सकती है। युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल के आधार पर नौकरी के विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। इससे कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रशिक्षित युवाओं को भी रोजगार से जोड़ने में मदद मिलने की संभावना है।

विदेशों में नौकरी के लिए 476 युवाओं का चयन भी मेगा जॉब फेयर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। विदेश में रोजगार पाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए सुरक्षित और संस्थागत माध्यम से कंपनियों तक पहुंचना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी तरह 3,940 युवाओं को बिहार के भीतर नौकरी मिलने से उन्हें अपने गृह राज्य में रहकर रोजगार करने का मौका मिलेगा।

शेष चयनित युवाओं को बिहार से बाहर देश के अलग-अलग राज्यों में कंपनियों ने रोजगार के लिए चुना है। कुल मिलाकर 20,226 युवाओं का चयन रोजगार मेले के जरिए किया गया। इतनी बड़ी संख्या में चयन के बाद सरकार जिला स्तर पर रोजगार मेलों के माध्यम से इस दायरे को और बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद अब अगले वर्ष से बिहार के सभी जिलों में रोजगार मेले आयोजित करने की तैयारी महत्वपूर्ण होगी। कंपनियों को जिला स्तर तक लाने, युवाओं का पंजीकरण कराने और उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक व्यवस्था करनी होगी।

फिलहाल पटना के पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर के समापन के साथ सरकार ने रोजगार अभियान को जिला स्तर तक पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया है। यदि प्रत्येक जिले में नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित होते हैं तो राज्य के लाखों युवाओं को अपने आसपास ही निजी क्षेत्र की कंपनियों से सीधे जुड़ने का मौका मिल सकता है।

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