
बिहार: डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। जापान में विकसित की गई नई डेंगू वैक्सीन जल्द ही बिहार में उपलब्ध हो सकती है। इसके लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन जारी होने के बाद पात्र लोगों को वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह वैक्सीन डेंगू वायरस के सभी चार प्रमुख स्ट्रेन डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4 से सुरक्षा देने में सक्षम बताई जा रही है। इस वैक्सीन को 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोग किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे डेंगू के गंभीर मामलों, खासकर डेंगू हैमरेजिक फीवर (DHF) और उससे होने वाली मौतों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से निर्देश मिलने के बाद अस्पताल में टीकाकरण की पूरी व्यवस्था तैयार रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह और चिकित्सकीय जांच के बाद ही पात्र लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए शुरुआती स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि सरकार की अनुमति और वैक्सीन उपलब्ध होते ही टीकाकरण अभियान शुरू किया जा सके।
PMCH में वैक्सीनेशन के लिए अलग केंद्र बनाया जाएगा। इस केंद्र पर आने वाले लोगों की पहले स्वास्थ्य जांच की जाएगी और चिकित्सकीय परामर्श के बाद उन्हें टीका लगाया जाएगा। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रत्येक लाभार्थी को 0.5 एमएल की खुराक दी जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार बूस्टर डोज भी दिया जाएगा। टीकाकरण प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए अस्पताल प्रशासन विशेष व्यवस्था करेगा।
बिहार में पिछले कुछ वर्षों में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में हर साल अगस्त के दूसरे सप्ताह से डेंगू का संक्रमण तेजी पकड़ता है और अक्टूबर तक इसका असर बना रहता है। बारिश के मौसम में मच्छरों के प्रजनन के कारण डेंगू का खतरा और बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले से तैयारियों में जुट गया है।
PMCH प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के लिए अस्पताल परिसर में सूचना बोर्ड और बैनर लगाने की भी योजना बनाई है। इसके माध्यम से लोगों को वैक्सीन के फायदे और डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। अस्पताल अधिकारियों का कहना है कि केवल वैक्सीन ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए सावधानी भी बरतनी होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना बेहद जरूरी है। कूलर, गमले, टायर और अन्य जगहों पर जमा पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बनता है। इसके अलावा लोगों को पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से बिहार में डेंगू नियंत्रण अभियान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यदि वैक्सीन का टीकाकरण समय पर शुरू होता है तो आने वाले वर्षों में डेंगू के गंभीर मामलों में कमी लाई जा सकती है। PMCH प्रशासन ने भी इस दिशा में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि वैक्सीन उपलब्ध होते ही लोगों को इसका लाभ मिल सके।





