बिहार

एसएनसीयू की कमियों को तत्काल दूर करने का दिया गया निर्देश

Admin Delhi 1
7 April 2023 1:12 PM GMT
एसएनसीयू की कमियों को तत्काल दूर करने का दिया गया निर्देश
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भागलपुर न्यूज़: भागलपुर से लेकर गोपालगंज तक, रोहतास से लेकर बांका तक के एसएनसीयू की हालत ठीक नहीं है. कहीं धोखा दे रहा सिस्टम बीमार नवजातों की जान का खतरा बना हुआ है तो किसी जिले के एसएनसीयू में मौत का ग्राफ ज्यादा है. भागलपुर के एसएनसीयू (सिक नियोनेटल केयर यूनिट) में न तो इमरजेंसी संपर्क विवरण लगा है और न ही ड्यूटी रोस्टर लगाया गया है. जबकि किशनगंज जिले के बीमार नवजातों की जान एसएनसीयू में ही सुरक्षित नहीं है. यहां का एसएनसीयू में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू किये गये एसएनसीयू के मानकों का पालन ही नहीं हो रहा है. 25 मार्च को गूगल मीट के जरिये हरेक जिले में संचालित एसएनसीयू की समीक्षा हुई तो पता चला कि अररिया, भागलपुर, कटिहार जिले के एसएनसीयू के वार्ड में न तो इमरजेंसी संपर्क विवरण लगा है और न ही ड्यूटी रोस्टर लगाया गया है. इसको लेकर एसएनसीयू के पदाधिकारी को तत्काल इस कमी को पूरा करने का निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार ने दिया. भागलपुर में फरवरी में 105 नवजात इलाज के लिए भर्ती हुए. इनमें से 22 नवजात रेफर हो गये. जबकि अररिया जिले के एसएनसीयू में भर्ती 33 नवजातों में से दो रेफर व दो लामा हो गये. जबकि कटिहार जिले के एसएनसीयू में भर्ती 38 बीमार नवजातों में पांच नवजात रेफर, दो की मौत व एक बच्चा लामा हुआ था.

एसएनसीयू के सफल क्रियान्वयन संबंधित सूचकांकों में किशनगंज जिले के एसएनसीयू का प्रदर्शन राज्य में सबसे खराब है. यहां के एसएनसीयू में नवजातों के उपचार मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. फरवरी माह में यहां पर 24 नवजात मरीज भर्ती हुए. इनमें से चार नवजात रेफर कर दिए गये तो दो नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गयी.

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