बिहार

बिहार में 97 प्रतिशत मरीज हल्के लक्षणों के साथ होम आइसोलेशन में, हेल्थ सचिव बोले- घबराने की जरूरत नहीं है

Renuka Sahu
6 Jan 2022 4:38 AM GMT
बिहार में 97 प्रतिशत मरीज हल्के लक्षणों के साथ होम आइसोलेशन में, हेल्थ सचिव बोले- घबराने की जरूरत नहीं है
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फाइल फोटो 

बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कुल संक्रमितों में से 97 प्रतिशत में हल्के लक्षण दिख रहे हैं और वे होम आइसोलेशन में हैं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कुल संक्रमितों में से 97 प्रतिशत में हल्के लक्षण दिख रहे हैं और वे होम आइसोलेशन में हैं। जबकि 3 प्रतिशत अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा, अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों में वरिष्ठ नागरिक या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग हैं।

स्टेट हेल्थ सोसाइटी (एसएचएस) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बुधवार तक 3,697 सक्रिय मामले थे। जिसमें से 116 अस्पतालों में जबकि 3,581 होम आइसोलेशन में हैं। इसके अलावा, विभिन्न अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए कुल 25,178 बिस्तर उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वर्तमान स्थिति संकेत देती है कि अधिकांश लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है और जिन्हें है वे 60 या उससे अधिक उम्र के हैं। वरिष्ठ नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, 'घबराने की बिल्कुल कोई जरूरत नहीं है। अपने ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करें और, SpO2 में गिरावट आने की स्थिति में, भर्ती होने के लिए अस्पताल की तलाश करें।'
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को साझा करते हुए अमृत ने कहा, 'पहले होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज को 10 दिन बाद ठीक माना जाता था, लेकिन अब इसकी समय अवधि घटाकर सात दिन कर दी गई है। अगर किसी आइसोलेटिड व्यक्ति को लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं आता है तो वह सात दिन बाद खुद को स्वस्थ घोषित कर सकता है। दोबारा टेस्ट करने की कोई जरूरत नहीं है।'
अधिकांश संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन में रखने के साथ, स्वास्थ्य विभाग की योजना सीधे उनके घरों तक दवाएं पहुंचाने की है। विभाग के विशेष सचिव और एसएचएस के कार्यकारी निदेशक संजय कुमार सिंह ने लोगों से जांच के दौरान सही पता देने का आग्रह किया ताकि कोरोना पॉजिटिव होने की स्थिति में उनकी दवाएं घर भेजी जा सकें। सिंह ने कहा, 'कई पते अधूरे होते हैं और बहुत से लोगों के पास फोन कॉल नहीं जा पाती। हम आपसे अनुरोध कर रहे हैं कि सभी पूरा पता प्रदान करें।'
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