
जमुई। टाटा से बक्सर के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 18183/18184 टाटा-बक्सर-टाटा एक्सप्रेस के कोच कंपोजिशन में बदलाव करने का फैसला लिया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ और लंबी दूरी के सफर को अधिक आरामदायक बनाने के उद्देश्य से ट्रेन में एक जनरल कोच हटाकर उसकी जगह एक आधुनिक एलएचबी स्लीपर कोच जोड़ा जाएगा।
रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह बदलाव 17 और 18 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। इसके बाद टाटा-बक्सर एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी की बर्थ की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की मांग और ट्रेन में स्लीपर श्रेणी की जरूरत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। खासकर उन यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा, जो टाटा से बक्सर और बीच के विभिन्न स्टेशनों तक लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। स्लीपर कोच बढ़ने से आरक्षित सीटों की उपलब्धता में सुधार आने की उम्मीद है।
एक जनरल कोच की जगह लगेगा एलएचबी स्लीपर कोच
दक्षिण पूर्व रेलवे के विभागीय आदेश के अनुसार, ट्रेन में मौजूद एक अनारक्षित सामान्य (जनरल) कोच को हटाया जाएगा। इसके स्थान पर एक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) स्लीपर कोच लगाया जाएगा।
एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से बने होते हैं और पुराने आईसीएफ कोच की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माने जाते हैं। इनमें यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं और यात्रा के दौरान झटके भी कम महसूस होते हैं।
लंबी दूरी के यात्रियों को मिलेगी राहत
टाटा-बक्सर एक्सप्रेस झारखंड और बिहार के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेन है। इस ट्रेन से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए यात्रा करते हैं। कई बार स्लीपर सीटों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नए स्लीपर कोच के जुड़ने से यात्रियों को आरक्षित श्रेणी में सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग, परिवार के साथ यात्रा करने वाले और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
रेलवे लगातार बढ़ा रहा है यात्री सुविधाएं
भारतीय रेलवे लगातार ट्रेनों में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बदलाव कर रहा है। नई तकनीक वाले एलएचबी कोच को शामिल करना इसी दिशा में एक कदम है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के कोच संयोजन और उपलब्ध सीटों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित माध्यमों से जरूर जांच लें।
टाटा-बक्सर एक्सप्रेस में होने वाला यह बदलाव यात्रियों के लिए राहत भरा साबित होने की उम्मीद है। एक जनरल कोच कम होने से जहां अनारक्षित यात्रियों को थोड़ी परेशानी हो सकती है, वहीं लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को स्लीपर बर्थ की उपलब्धता बढ़ने का सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे का यह फैसला यात्रियों की सुविधा और बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।





