बिहार

नेपाल में बाढ़ त्रासदी का पर्यटन पर असर, भारतीय पर्यटकों ने बनाई दूरी

Kavita2
30 Aug 2026 2:36 PM IST
नेपाल में बाढ़ त्रासदी का पर्यटन पर असर, भारतीय पर्यटकों ने बनाई दूरी
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काठमांडू/चितवन। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा का असर अब वहां के पर्यटन क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। बाढ़ और आपदा से जुड़ी खबरों के बाद भारतीय पर्यटकों ने फिलहाल नेपाल की यात्रा से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसका सीधा प्रभाव नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों और सीमा से जुड़े इलाकों के कारोबार पर पड़ा है।

नेपाल के चितवन समेत कई पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, भारत-नेपाल सीमा से नेपाल जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी पहले की तुलना में कमी आई है।

आपदा की खबरों से पर्यटकों में बढ़ी चिंता

नेपाल में हाल के दिनों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव कार्य चल रहे हैं।

इन हालातों को देखते हुए भारतीय पर्यटकों ने नेपाल जाने का कार्यक्रम फिलहाल टालना शुरू कर दिया है। खासकर परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोग सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी यात्रा स्थगित कर रहे हैं।

चितवन के पर्यटन कारोबार पर असर

नेपाल का चितवन जिला भारतीय पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां चितवन नेशनल पार्क, जंगल सफारी और प्राकृतिक पर्यटन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

लेकिन बाढ़ और आपदा की खबरों के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।

होटल संचालकों, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि पर्यटकों की कमी से उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।

वाल्मीकिनगर बॉर्डर से घटा आवागमन

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े वाल्मीकिनगर बॉर्डर से नेपाल जाने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट देखी जा रही है।

सीमा क्षेत्र के कारोबारियों के अनुसार, पहले जहां रोजाना बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और यात्री नेपाल जाते थे, वहीं अब उनकी संख्या काफी कम हो गई है।

सीमा से जुड़े छोटे व्यापारियों और पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।

होटल और पर्यटन सेवाओं पर असर

नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में होटल, टैक्सी, गाइड और स्थानीय बाजारों का बड़ा योगदान है।

पर्यटकों की संख्या कम होने से इन सभी क्षेत्रों पर असर पड़ रहा है।

होटल संचालकों का कहना है कि बुकिंग में कमी आई है और कई पर्यटक अपनी पहले से तय यात्राएं भी रद्द कर रहे हैं।

सुरक्षा को लेकर सतर्क हुए पर्यटक

पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के बाद यात्रियों का सतर्क होना सामान्य है।

लोग यात्रा से पहले मौसम, सड़क की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेना चाहते हैं। जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होते, तब तक पर्यटकों की संख्या में कमी बनी रहने की संभावना है।

नेपाल के लिए पर्यटन है महत्वपूर्ण आय का स्रोत

नेपाल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर साल लाखों विदेशी और भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचते हैं।

भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए नेपाल जाते हैं।

ऐसे में भारतीय पर्यटकों की संख्या में कमी का असर नेपाल के पर्यटन कारोबार पर सीधे पड़ता है।

स्थानीय कारोबारियों को राहत की उम्मीद

हालांकि, पर्यटन से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि हालात सामान्य होने के बाद एक बार फिर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।

स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि नेपाल के पर्यटन स्थल सुरक्षित हैं और प्रशासन स्थिति सुधारने के लिए लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारतीय पर्यटक दोबारा नेपाल का रुख करेंगे।

प्रशासन की नजर स्थिति पर

नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

सड़कों, पर्यटन स्थलों और जरूरी सेवाओं को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे हालात सुधरेंगे, वैसे-वैसे पर्यटन गतिविधियां भी दोबारा रफ्तार पकड़ेंगी।

आपदा के बाद नेपाल को पर्यटन वापसी की उम्मीद

फिलहाल नेपाल के पर्यटन क्षेत्र के सामने चुनौती का समय है। बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण भारतीय पर्यटकों की संख्या में कमी आई है, लेकिन नेपाल के पर्यटन कारोबारियों को भरोसा है कि स्थिति सामान्य होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही फिर बढ़ेगी।

भारत-नेपाल के बीच मजबूत सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यात्रा गतिविधियां फिर पटरी पर लौटेंगी।

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