
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में मंगलवार को एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में ईओयू को करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।
ईओयू की टीम ने पटना, पूर्वी चंपारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर स्थित पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों को 16 भूखंड, करीब 70 लाख रुपये मूल्य के आलीशान मकान, चार महंगी गाड़ियों और म्यूचुअल फंड में करीब 70 लाख रुपये के निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
1.71 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आरोप
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बीडीओ आनंद कुमार विभूति के पास उनकी ज्ञात और वैध आय की तुलना में 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। यह संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 121.87 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
ईओयू ने इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मंगलवार को इसी जांच के तहत अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई।
पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
ईओयू की टीम ने सुबह से ही बीडीओ से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। अधिकारियों ने घरों और अन्य परिसरों में रखे दस्तावेज, बैंक से जुड़े रिकॉर्ड, निवेश से संबंधित कागजात और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की।
जांच एजेंसी का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और उनके स्रोत की जानकारी जुटाई जाएगी।
16 भूखंड और आलीशान मकानों के दस्तावेज मिले
छापेमारी के दौरान ईओयू को 16 भूखंडों से संबंधित दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा करीब 70 लाख रुपये मूल्य के मकानों से जुड़े कागजात भी मिले हैं।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद कब और किन स्रोतों से हुई। यदि संपत्ति का स्रोत आय के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
म्यूचुअल फंड में 70 लाख का निवेश
ईओयू की कार्रवाई में बीडीओ के म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 70 लाख रुपये का निवेश सामने आया है।
इसके अलावा चार महंगी गाड़ियों के संबंध में भी जानकारी मिली है। जांच एजेंसी अब इन सभी संपत्तियों और निवेशों का मूल्यांकन कर रही है।
2014 में शुरू की थी सरकारी सेवा
जानकारी के अनुसार, आनंद कुमार विभूति वर्ष 2014 में सरकारी सेवा में आए थे। करीब 12 वर्षों के कार्यकाल में उनके द्वारा अर्जित संपत्ति को लेकर ईओयू ने जांच शुरू की है।
ईओयू यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सेवा अवधि के दौरान उनकी आय और संपत्ति में कितना अंतर आया। इसके लिए वेतन, बैंक खाते, निवेश और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
पूर्वी चंपारण के रहने वाले हैं आनंद
BDO आनंद कुमार विभूति मूल रूप से पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखंड के लालबेगिया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। सरकारी सेवा में आने के बाद उन्होंने बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में पदस्थापित होकर काम किया।
वर्तमान में वह दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में बीडीओ के पद पर तैनात हैं।
जांच आगे भी जारी रहेगी
ईओयू अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मिले सभी दस्तावेजों और संपत्ति के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी संपत्ति आय के मुकाबले अधिक है और उसके स्रोत क्या हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बीडीओ आनंद कुमार विभूति के खिलाफ ईओयू की जांच जारी है। छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना है।





