बिहार

गंडक के उफान के बीच IAF ने संभाला मोर्चा सारण में राहत की बारिश

Ratna Netam
3 Oct 2026 2:45 PM IST
गंडक के उफान के बीच IAF ने संभाला मोर्चा सारण में राहत की बारिश
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पटना। बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और कई स्थानों पर तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में भारतीय वायु सेना (IAF) ने भी मोर्चा संभाल लिया है। वायु सेना ने Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों को राहत अभियान में लगाया है, जो दुर्गम और पानी से घिरे इलाकों तक जरूरी सामग्री पहुंचा रहे हैं। IAF के मुताबिक, 2 अक्टूबर को उसकी “टीम सिल्वर फाल्कन्स” ने पटना से लगातार उड़ान भरते हुए सारण जिले के कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करीब 10 टन आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई।वायु सेना ने बताया कि अभियान के दौरान चकिया, पृथ्वीपुर, सतजोड़ा, करचोलिया और मकेर जैसे इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई गई। लगातार उड़ान भरकर हेलीकॉप्टरों ने उन क्षेत्रों तक मदद पहुंचाई, जहां सड़क और जमीनी संपर्क बाढ़ के पानी की वजह से प्रभावित हो चुका है। IAF ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कठिन परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण इलाकों के बावजूद अभियान को लगातार जारी रखा गया।
तटबंध टूटने के बाद बढ़ी मुश्किल
उत्तर बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है। सारण में गंडक के दबाव के कारण तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने से बड़ी संख्या में गांव और कृषि क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आए हैं। पानापुर इलाके में सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के गांवों में घुस गया था। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की थी।सारण और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर लगातार बढ़ने के साथ स्थानीय प्रशासन के अलावा NDRF और SDRF की टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कई स्थानों पर सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी भरने से सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। मकेर क्षेत्र से गुजरने वाले NH-722 पर भी बाढ़ का पानी पहुंचने की खबर सामने आई थी।
पटना से उड़ान भर रही IAF की टीम
भारतीय वायु सेना के अनुसार, राहत अभियान के लिए तैनात Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर पटना से संचालन कर रहे हैं। “टीम सिल्वर फाल्कन्स” ने 2 अक्टूबर को पूरे दिन उड़ान भरकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई। 10 टन सामग्री को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए कई sorties की गईं।IAF का यह अभियान ऐसे समय में चल रहा है, जब जमीनी स्तर पर राहत सामग्री की पहुंच कई इलाकों में मुश्किल बनी हुई है। बाढ़ का पानी फैलने के कारण कुछ गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और बड़ी संख्या में लोगों ने तटबंधों, ऊंचे स्थानों तथा अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण ली है। ऐसे इलाकों तक हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन गया है।
हजारों राहत पैकेट पहले ही एयरड्रॉप
गंडक नदी की बाढ़ के बीच IAF के हेलीकॉप्टरों ने इससे पहले भी सारण में राहत सामग्री के पैकेट एयरड्रॉप किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 2 अक्टूबर तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में हजारों सूखा राशन पैकेट पहुंचाए जा चुके थे। इन पैकेटों में चूड़ा, सत्तू, चना, चीनी, ओआरएस, माचिस और मोमबत्ती जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल थीं।राहत सामग्री का वितरण उन इलाकों में किया जा रहा है, जहां पानी की वजह से लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से भी अलग-अलग जिलों से राशन सामग्री सारण भेजी जा रही है।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान
IAF ने अपने संदेश में कहा कि खराब और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उसके वायु योद्धाओं ने राहत अभियान को जारी रखा। हेलीकॉप्टरों के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर तब जब नीचे जलमग्न क्षेत्र हों और सुरक्षित लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध न हो।ऐसे मामलों में राहत सामग्री को उपयुक्त स्थानों पर एयरड्रॉप किया जाता है, ताकि प्रभावित लोग उसे एकत्र कर सकें। IAF ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द जरूरी मदद पहुंचाना है।हालांकि, 2 अक्टूबर को सारण के एक अन्य गांव में हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री गिराए जाने के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत की घटना भी सामने आई। पुलिस ने घटना की जांच की बात कही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारण की पुष्टि की जानी है। कुछ ग्रामीणों ने राहत सामग्री की बोरी गिरने से चोट लगने की बात कही, जबकि अन्य ने हार्ट अटैक की संभावना बताई।
छह जिलों में बाढ़ का दबाव
बिहार सरकार ने गंडक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राहत और बचाव के लिए वायु सेना की मदद मांगी थी। राज्य के कई उत्तरी जिलों में नदी के बढ़ते पानी और तटबंधों पर दबाव के कारण स्थिति गंभीर हुई है। प्रशासन के मुताबिक पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का असर देखा गया है।केंद्रीय जल आयोग ने भी कई स्थानों पर नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने की जानकारी दी थी। 2 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा जैसी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर थीं। सारण में पानापुर और मकेर ब्लॉक के क्षतिग्रस्त तटबंधों से पानी नए इलाकों में पहुंच रहा था।
राहत अभियान जारी
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव दलों की तैनाती बढ़ाई गई है। सारण में NDRF और SDRF की कई टीमें नावों के साथ काम कर रही हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों तक भोजन, दवा और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।इस बीच IAF के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर राहत अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 2 अक्टूबर को 10 टन राहत सामग्री पहुंचाए जाने के बाद भी आवश्यकता के अनुसार अभियान जारी रखने की तैयारी है। वायु सेना ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाना उसका संकल्प है।गंडक के बढ़ते पानी, तटबंधों में टूट और नए इलाकों में फैलते बाढ़ के पानी के बीच आने वाले दिनों में राहत अभियान के लिए हवाई और जमीनी दोनों माध्यमों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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