
पटना। बिहार में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है। राज्य में छिटपुट बारिश की गतिविधियां जारी रहने के बावजूद अधिकांश जिलों में अगले दो दिनों तक उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के 12 जिलों में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी पटना सहित राज्य के कई अन्य शहरों में बादलों की आवाजाही के बीच उमस और गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना है, लेकिन व्यापक वर्षा के आसार फिलहाल कम हैं।
बुधवार को राजधानी पटना में पूरे दिन उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिला। अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन आसमान अधिकतर समय साफ रहने के कारण सूर्य की तेज किरणों ने दोपहर के समय लोगों को बेहाल कर दिया। धूप तेज होने से सड़कों पर निकलने वाले लोगों को गर्मी का तीखा अहसास हुआ। हालांकि दोपहर बाद लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने उमस से कुछ हद तक राहत दिलाई। इसके बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार के 12 जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान गरज-तड़क के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
राज्य के अन्य हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना रह सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों के प्रभाव से एक-दो जिलों में छिटपुट वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं होने के कारण बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। कहीं हल्की बारिश हो रही है तो कई जिलों में बादल छाए रहने के बावजूद वर्षा नहीं हो रही, जिससे उमस का प्रभाव और बढ़ गया है।
बुधवार को राज्य के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई। पश्चिम चंपारण जिले के त्रिवेणी और वाल्मीकि नगर क्षेत्र में 40.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में 28.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में हुई वर्षा से तापमान में कुछ कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर सीमित रहा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान जब बादल तो बने रहते हैं, लेकिन व्यापक वर्षा नहीं होती, तब वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे उमस अधिक महसूस होती है और तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद लोगों को गर्मी ज्यादा लगती है। यही स्थिति फिलहाल बिहार के अधिकांश जिलों में देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में यदि मानसून फिर से सक्रिय होता है तो वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है और तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी उमस भरे मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई है, क्योंकि उमस भरे मौसम में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
कृषि क्षेत्र पर भी मौसम के उतार-चढ़ाव का असर पड़ रहा है। जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, वहां किसानों को धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं जिन इलाकों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, वहां किसान मानसून के सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेती की गतिविधियों को गति मिलेगी।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और गरज-चमक के दौरान सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बिजली चमकने के समय खुले मैदान, जलाशयों और ऊंचे पेड़ों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क है और संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल बिहार में मानसून का मिश्रित प्रभाव देखने को मिल रहा है। एक ओर कुछ जिलों में बारिश से राहत मिल रही है, तो दूसरी ओर अधिकांश क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने पर राज्य के अधिक हिस्सों में वर्षा होने और तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है।





