बिहार

पटना ट्रैफिक संकट पर हाईकोर्ट की नजर जीरो माइल समस्या का मांगा जवाब

nidhi
19 Aug 2026 9:24 AM IST
पटना ट्रैफिक संकट पर हाईकोर्ट की नजर जीरो माइल समस्या का मांगा जवाब
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पटना जीरो माइल जाम पर हाईकोर्ट सख्त सरकार से मांगा समाधान प्लान

पटना: राजधानी पटना के प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल जीरो माइल चौराहे पर लगने वाले भीषण जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या योजना तैयार की गई है और अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

हाईकोर्ट ने जीरो माइल पर रोजाना लगने वाले जाम को गंभीर समस्या मानते हुए सरकार से संयुक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें सरकार को बताना होगा कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कौन-कौन से प्रस्तावित कदम उठाए जा रहे हैं।
बड़े वाहनों की पार्किंग से बढ़ रही परेशानी
जीरो माइल चौराहे पर जाम की मुख्य वजहों में बड़े वाहनों की बेतरतीब पार्किंग, यातायात नियमों का उल्लंघन और सड़क पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है। गलत तरीके से खड़े भारी वाहनों के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि पीक समय में यहां घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
सरकार से मांगा गया रोडमैप
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को समस्या के समाधान के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश करने को कहा है। अदालत जानना चाहती है कि जीरो माइल की यातायात समस्या को खत्म करने के लिए प्रशासन की दीर्घकालिक योजना क्या है। मामले में सरकार को संबंधित विभागों के साथ मिलकर स्थिति की जानकारी अदालत के सामने रखनी होगी।
पहले भी उठ चुके हैं ट्रैफिक सुधार के मुद्दे
पटना शहर में जाम की समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर कई बार निर्देश दिए हैं। फ्लाईओवर निर्माण और सड़क विस्तार जैसे कदम उठाए जाने के बावजूद कई प्रमुख इलाकों में जाम की समस्या बनी हुई है। जीरो माइल क्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से पटना शहर के अलावा कई जिलों की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में यहां जाम का असर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ता है।
15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब सभी की नजर सरकार के जवाब और प्रस्तावित कार्ययोजना पर है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे पर चर्चा हो सकती है। अगर सरकार ठोस योजना लागू करती है तो आने वाले समय में जीरो माइल पर जाम की समस्या से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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