बिहार

उत्तर बिहार में झमाझम: कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू

Saba Naaz
26 Jun 2026 9:04 PM IST
उत्तर बिहार में झमाझम: कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू
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पटना। बिहार में इन दिनों मानसून का बेहद अजीब और असमान रूप देखने को मिल रहा है। राज्य में मौसम की बेरुखी ने एक बार फिर किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर जहाँ उत्तर बिहार, तराई और सीमांचल के जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिले अब भी पर्याप्त बारिश की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। दक्षिण बिहार के लोग इस मौसम में भी भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं।18 जिलों में 50% से ज्यादा बारिश की कमीमौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 26 जून तक बिहार के 36 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से 18 जिले ऐसे हैं जहां मानसून की बारिश में 50% से अधिक की भारी कमी रिकॉर्ड की गई है। पूरे राज्य में केवल किशनगंज और सुपौल ही ऐसे दो जिले हैं, जहां अब तक सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो के शुरुआती प्रभाव और मानसून की शुरुआती गति कमजोर होने की वजह से राज्य में वर्षा का वितरण बेहद असंतुलित हो गया है।पटना और बांका में स्थिति सबसे खराबराज्य में बारिश की सबसे बदतर स्थिति राजधानी पटना और बांका जिले में देखने को मिल रही है। पटना में सामान्य से 83% और बांका में 80% कम बारिश हुई है। इसके अलावा अन्य प्रमुख जिलों का आंकड़ा इस प्रकार है:जिलाबारिश की कमी (%)पटना83%बांका80%गोपालगंज73%समस्तीपुर72%नालंदा / सहरसा71%रोहतास69%मुजफ्फरपुर67%वैशाली66%गया65%भागलपुर64%इसके अलावा औरंगाबाद और मधेपुरा में 57%, जहानाबाद में 54% तथा खगड़िया में 51% कम बारिश हुई है। वहीं सीवान, पूर्णिया, दरभंगा, मुंगेर और बेगूसराय जैसे जिलों में 30% से 50% तक की कमी है, जबकि अररिया, कटिहार और नवादा में 10% से 30% तक कम बारिश दर्ज की गई है।उत्तर बिहार में मानसून हुआ तेज, येलो अलर्ट जारीपिछले दो दिनों में मानसून ने उत्तर बिहार और सीमांचल के इलाकों में अपनी रफ्तार तेज कर दी है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया सहित उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और सुपौल में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।दक्षिण बिहार को अभी भी राहत का इंतजारइसके विपरीत, दक्षिण और मध्य बिहार के प्रमुख जिलों जैसे पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, कैमूर, भोजपुर और बक्सर में अभी तक व्यापक मानसूनी वर्षा नहीं हुई है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं स्थानीय प्रभाव से हल्की फुहारें जरूर पड़ी हैं, लेकिन खरीफ फसलों की बुआई और धान का बिचड़ा बचाने के लिए यह पानी बेहद नाकाफी है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।पिछले वर्ष (2025) की तुलना में बदला रूपअगर पिछले वर्ष यानी 2025 से तुलना करें तो इस बार मानसून का रूप बिल्कुल बदला हुआ है। पिछले साल 26 जून के आसपास बिहार के लगभग सभी हिस्सों में मानसून समान रूप से सक्रिय था और अच्छी बारिश हो रही थी। इस वर्ष मानसून समय से पहले जरूर आ गया, लेकिन बीच में इसकी गति धीमी पड़ने से दक्षिण बिहार में लू जैसी स्थिति बन गई।अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीदमौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण मानसून एक बार फिर सक्रिय (एक्टिव) हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी, जिससे दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के शेष हिस्सों में भी अच्छी बारिश शुरू होगी। इससे खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलेगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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