बिहार

सार्थक ऐप से अटेंडेंस के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने क्षेत्रीय संचालक को सौंपा ज्ञापन

SHIDDHANT
8 Nov 2025 11:52 PM IST
सार्थक ऐप से अटेंडेंस के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने क्षेत्रीय संचालक को सौंपा ज्ञापन
x
Patna पटना। जन सुराज के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार की विकास नीति और राजनीतिक हालात पर केंद्रित बयान दिया है। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी बिहार से वोट लेती है, लेकिन राज्य में उद्योग और कारखाने लगाने में रुचि नहीं दिखाती। उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में उद्योग लगाने की बजाय गुजरात में कारखाने स्थापित किए। प्रशांत किशोर ने कहा, "क्या यह आपको स्वीकार्य है कि वोट बिहार से लिया जाए और विकास गुजरात में हो?" उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार के लोग अब नीतीश चाचा के नेतृत्व में रहना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने लालू यादव की पार्टी और ‘लालटेन का जंगलराज’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर जनता इन नेताओं को वोट नहीं देती, तो फिर राजनीतिक विकल्प क्या रहेंगे।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि बिहार के लिए सच्चे विकास की दिशा में उद्योग और रोजगार के अवसर प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने यह इंगित किया कि राजनीतिक दलों को केवल चुनावी लाभ के लिए नहीं बल्कि राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने राज्य में विकास परियोजनाओं में निवेश की बजाय गुजरात को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, "अगर बिहार में भी उद्योग और रोजगार सृजन पर ध्यान दिया जाता, तो यहां के युवाओं को बेहतर अवसर मिलते और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती।"
प्रशांत किशोर के इस बयान ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को फिर से तेज कर दिया है। उनके विचारों में यह भी संकेत था कि बिहार की जनता अब विकास और रोजगार को लेकर अधिक जागरूक हो रही है और इसके लिए वह किसी भी राजनीतिक दल से सवाल पूछने को तैयार है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर की यह टिप्पणी बिहार की आगामी चुनावी संभावनाओं और राजनीतिक दलों के रणनीतिक फैसलों पर असर डाल सकती है। यह बयान राज्य में राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी की तरह है कि विकास और रोजगार के मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस तरह, प्रशांत किशोर ने बिहार में उद्योग, रोजगार और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर भाजपा सहित अन्य प्रमुख दलों पर सवाल उठाए और जनता के सामने चुनावी विकल्प पर ध्यान केंद्रित करने की चुनौती पेश की।
Next Story