बिहार

चौतरवा में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा

Kavita2
16 July 2026 4:19 PM IST
चौतरवा में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा
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चौतरवा: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर गुरुवार को चौतरवा क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के रथ की रस्सी खींचकर पुण्य अर्जित करने की कामना की।

15 फीट ऊंचे भव्य रथ और करीब 50 मीटर लंबी रस्सी के साथ निकली इस यात्रा में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। गाजे-बाजे, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ खींचने के लिए बड़ी संख्या में उमड़ पड़े।

रथ खींचने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सनातन परंपरा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि भगवान के रथ की रस्सी खींचने और यात्रा में शामिल होने से भक्तों को विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसी आस्था के साथ चौतरवा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी।

रथ यात्रा शुरू होने से पहले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान को विशेष रूप से सजाए गए रथ पर विराजमान कराया गया। जैसे ही रथ यात्रा शुरू हुई, श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ के जयकारों के साथ रस्सी खींचनी शुरू कर दी।

भक्ति गीतों और जयघोष से गूंजा माहौल

रथ यात्रा के दौरान पूरा वातावरण धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह लोगों ने भगवान का स्वागत किया और फूलों की वर्षा की।

गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालुओं में भगवान के प्रति गहरी आस्था और उत्साह दिखाई दिया।

पारंपरिक तरीके से निकाली गई यात्रा

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया। आयोजन समिति की ओर से यात्रा की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं।

रथ को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। भगवान की प्रतिमाओं को विशेष वस्त्रों और आभूषणों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

सुरक्षा और व्यवस्था के किए गए इंतजाम

रथ यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था की गई थी।

यात्रा मार्ग पर लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए भी इंतजाम किए गए। स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की सहायता में भूमिका निभाई।

आस्था और परंपरा का प्रतीक है रथ यात्रा

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी मानी जाती है। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते हैं और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।

चौतरवा में आयोजित रथ यात्रा ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया। हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन को भव्य बना दिया।

श्रद्धालुओं ने लिया भगवान का आशीर्वाद

रथ यात्रा में शामिल भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। लोगों ने परिवार की खुशहाली और समाज में शांति की कामना की।

15 फीट ऊंचे रथ और 50 मीटर लंबी रस्सी के साथ निकली यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का यादगार अवसर बन गई। पूरे आयोजन के दौरान जय जगन्नाथ के उद्घोष से चौतरवा क्षेत्र गूंजता रहा।

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