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बिहार में बालू-पत्थर लाने वाले वाहनों पर GPS अनिवार्य, अवैध खनन और परिवहन पर लगेगी लगाम

Kavita2
6 Aug 2026 4:38 PM IST
बिहार में बालू-पत्थर लाने वाले वाहनों पर GPS अनिवार्य, अवैध खनन और परिवहन पर लगेगी लगाम
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पटना: बिहार सरकार ने राज्य में बालू और पत्थर के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब दूसरे राज्यों से बालू और पत्थर लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे सभी वाहनों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। जीपीएस सिस्टम के जरिए वाहनों की वास्तविक स्थिति, उनके मार्ग और आवाजाही की जानकारी विभाग को मिलती रहेगी। इससे अवैध खनन और बिना अनुमति खनिजों के परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

अभी तक दूसरे राज्यों से आने वाले खनिज वाहनों की निगरानी में कई तरह की चुनौतियां सामने आती थीं। कई बार वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर अवैध तरीके से खनिजों की ढुलाई करते थे। नई व्यवस्था से ऐसे मामलों की पहचान करना आसान हो जाएगा।

खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, बालू और पत्थर निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण खनिज संसाधन हैं। इनकी मांग अधिक होने के कारण अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से इन गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि जीपीएस लगाने की व्यवस्था सभी संबंधित वाहनों के लिए अनिवार्य होगी। इससे विभागीय अधिकारियों को वाहनों की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में सुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खनन और परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। नई तकनीक के माध्यम से राजस्व की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।

बालू और पत्थर की ढुलाई करने वाले वाहन संचालकों को अब जीपीएस सिस्टम लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विभाग जल्द ही इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।

सरकार पहले से ही खनन क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। ऑनलाइन परमिट, ई-चालान और निगरानी प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं के बाद अब जीपीएस ट्रैकिंग को भी शामिल किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खनिज परिवहन में तकनीकी निगरानी बढ़ने से अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही, सही मात्रा में खनिजों की ढुलाई और राजस्व संग्रह में भी सुधार की उम्मीद है।

निर्माण कार्यों में बालू और पत्थर की लगातार मांग रहती है। ऐसे में इनकी आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। जीपीएस व्यवस्था से जहां वैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई आसान होगी।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार खनन क्षेत्र में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। विभाग की ओर से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि राज्य में खनिजों का परिवहन नियमों के अनुसार हो।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से बिहार आने वाले बालू और पत्थर लदे वाहनों पर विभाग की नजर रहेगी। इससे अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अनधिकृत परिवहन जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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