बिहार

राज्यपाल सैयद अता हसनैन का बड़ा निर्देश

Saba Naaz
5 July 2026 4:36 PM IST
राज्यपाल सैयद अता हसनैन का बड़ा निर्देश
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बिहार: राज्यपाल और कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉन्स्टिट्यूएंट कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए सैलरी वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। राजभवन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन कर्मचारियों का सैलरी वेरिफिकेशन समय पर पूरा नहीं होगा, उनकी सैलरी रोकी जा सकती है। इस पूरे अभियान की अंतिम तिथि 20 जुलाई तय की गई है और सभी विश्वविद्यालयों को इसे हर हाल में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।

राजभवन ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए एक नॉमिनी नियुक्त किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी होगी कि वह सैलरी वेरिफिकेशन से जुड़े सभी लंबित मामलों को तेजी से निपटाए। ये नॉमिनी रोजाना प्रगति की समीक्षा भी करेंगे ताकि तय समय सीमा में सभी कर्मचारियों का डेटा सही तरीके से अपडेट हो सके।

राजभवन ने प्रशासनिक व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए एक और बड़ा बदलाव किया है। अब नियमों, ऑर्डिनेंस, रेगुलेशन और नए सिलेबस से जुड़े सभी प्रस्ताव केवल निर्धारित नई ईमेल आईडी पर ही भेजे जाएंगे। पहले अलग-अलग ईमेल पर भेजे जाने से फाइलों की ट्रैकिंग में दिक्कत आती थी, जिससे काम में देरी होती थी।

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गलत ईमेल पर भेजे गए प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी कुलपति और रजिस्ट्रार की होगी।

राजभवन ने यह भी साफ कर दिया है कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 के तहत अंतिम निर्णय का अधिकार केवल राज्यपाल के पास है। इसलिए सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरा करना अनिवार्य होगा।

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