
बिहार:बिहार सरकार ने सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026 को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को लद्दाख स्थित सिंधु नदी के दर्शन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। योजना को 16 जून 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।
यात्रा पर मिलेगा आर्थिक अनुदान
इस योजना के तहत बिहार के मूल या स्थायी निवासियों को सिंधु दर्शन यात्रा के लिए अधिकतम ₹20,000 या कुल यात्रा खर्च का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इस सहायता से आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो सकेंगे।
पात्रता और नियम तय
योजना का लाभ केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के बिहार के स्थायी निवासियों को मिलेगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि हर साल अधिकतम 100 यात्रियों को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया सीमित और नियंत्रित रहेगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
सिंधु दर्शन महोत्सव लेह-लद्दाख में हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है। यह तीन दिवसीय आयोजन 1997 में शुरू हुआ था और 2000 से नियमित रूप से मनाया जा रहा है। इसमें देशभर से श्रद्धालु शामिल होते हैं और यह आयोजन भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक माना जाता है।
अन्य राज्यों से तुलना
देश के अन्य राज्यों ने भी इस यात्रा के लिए अलग-अलग अनुदान योजनाएं लागू की हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में ₹20,000 तक सहायता दी जा रही है, जबकि राजस्थान में ₹15,000 और मध्य प्रदेश में ₹25,000 तक का अनुदान निर्धारित है।
सरकार का उद्देश्य
बिहार सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि नागरिकों को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना भी है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जागरूकता मजबूत होगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस योजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं लोगों को देश के महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।





