बिहार
राघोपुर नाव हादसे पर सरकार सख्त नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
Ratna Netam
15 Oct 2026 8:23 PM IST

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पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने गुरुवार को इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नाव संचालन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवारों को सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।यह दुर्घटना मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई थी। गंगा नदी में नाव पलटने से कई लोग पानी में डूब गए थे। प्रशासन और बचाव दल ने अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
'राघोपुर की घटना बेहद दुखद'
मंत्री राम कृपाल यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि राघोपुर में हुई घटना अत्यंत दुखद है और इसमें 13 बच्चों की जान चली गई।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशपर वे उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ प्रभावित गांव पहुंचे थे।इस दौरान दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और हादसे के संबंध में जानकारी प्राप्त की।राम कृपाल यादव ने बताया कि सरकार ने इस दुर्घटना को गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शाम 5 बजे के बाद नाव चलाने पर रोक
मंत्री राम कृपाल यादव ने नाव संचालन के नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि शाम पांच बजे के बाद नाव चलाने की अनुमति नहीं है।उन्होंने कहा कि नाव का पंजीकरण होना भी आवश्यक है। इसके बावजूद दुर्घटनाग्रस्त नाव के संचालन में नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप सामने आया है।मंत्री के अनुसार, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना गंभीर मामला है और इसकी जांच कराई जाएगी।हालांकि, दुर्घटनाग्रस्त नाव के पंजीकरण, क्षमता और संचालन से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही होगा।
नाव पर सवार थे बच्चे और अन्य यात्री
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना के समय नाव पर लगभग 15 से 20 लोग सवार थे। बताया गया कि ये लोग एक भोज में शामिल होने के लिए नदी पार कर रहे थे।इसी दौरान नाव असंतुलित होकर गंगा नदी में पलट गई। नाव के पलटते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई और कई लोग गहरे पानी में डूब गए।घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बचाव के लिए आगे आए। इसके बाद प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में नौ लड़कियां और चार लड़के शामिल बताए गए हैं
पीड़ित परिवारों को छह लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाव हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।इस प्रकार प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल छह लाख रुपये की सहायता घोषित की गई है।
सभी नावों की सुरक्षा जांच के निर्देश
हादसे के बाद वैशाली जिला प्रशासन ने राघोपुर क्षेत्र में संचालित निजी नावों की स्थिति की जांच करने की योजना बनाई है।जिलाधिकारी वर्षा सिंह के अनुसार, अधिकारियों की एक टीम नावों की स्थिति का आकलन करेगी। जर्जर हालत में मिली नावों को बदलने की व्यवस्था की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न हो।नावों के पंजीकरण, उनकी स्थिति और संचालन संबंधी नियमों की निगरानी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने भी की निष्पक्ष जांच की मांग
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी राघोपुर नाव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नाव की खराब स्थिति दुर्घटना का एक कारण हो सकती है। उन्होंने प्रभावित परिवारों की सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा
मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने सुरक्षा नियमों के पालन को आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।फिलहाल प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नाव किसकी थी, उसका पंजीकरण वैध था या नहीं और दुर्घटना के समय सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया गया था।
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