
Bihar बिहार: वाराणसी मंडल के अंतर्गत गोरखपुर कैंट–पनियहवा रेल खंड पर उनौला और पिपराइच स्टेशनों के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य तेजी से जारी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नई लाइन का कमिशनिंग निरीक्षण किया जाएगा, जिससे इस रूट पर रेल संचालन और अधिक सुचारू हो सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य के चलते ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 मई 2026 तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इसके बाद 31 मई से 5 जून 2026 तक अगले चरण का प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य जारी रहेगा।
इसके पश्चात 6 जून से 8 जून 2026 तक नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जो इस पूरे प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इस दौरान रेल संचालन प्रणाली को नए ट्रैक के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि सुरक्षा और संचालन क्षमता सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि सभी तकनीकी कार्यों के सफल समापन के बाद 8 जून 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा इस पूरे खंड का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान ट्रैक की सुरक्षा, सिग्नल प्रणाली और संचालन मानकों की विस्तृत जांच की जाएगी।
इस दोहरीकरण परियोजना के पूरा होने से इस रेल खंड पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही, इस रूट पर बढ़ते यात्री और माल यातायात को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कार्य के दौरान यात्रियों को असुविधा कम से कम हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था और समय-सारणी में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
यह परियोजना क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को मजबूत करने और भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





