बिहार

गोपालगंज की शिक्षिका पर फर्जी हाजिरी का आरोप पासपोर्ट से हुआ खुलासा

nidhi
26 Aug 2026 12:06 PM IST
गोपालगंज की शिक्षिका पर फर्जी हाजिरी का आरोप पासपोर्ट से हुआ खुलासा
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शिक्षिका स्कूल में लगती रही हाजिरी पासपोर्ट ने खोला राज

गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज से सरकारी स्कूल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक शिक्षिका के सऊदी अरब में रहने के दौरान भी गोपालगंज के स्कूल रिकॉर्ड में उनकी हाजिरी दर्ज होती रही। जांच में पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों से विदेश में रहने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है।

मामला थावे प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुकेरी टोला से जुड़ा है। यहां पदस्थापित रहीं शिक्षिका सना रेयाज पर आरोप है कि वह करीब 67 दिनों तक सऊदी अरब में थीं, लेकिन इस अवधि में स्कूल और प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में उनकी उपस्थिति दर्ज होती रही।
पासपोर्ट से सामने आया विदेश यात्रा का रिकॉर्ड
जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों के अनुसार शिक्षिका 21 जनवरी 2017 को नई दिल्ली से सऊदी अरब गई थीं और 30 मार्च 2017 को वापस लौटी थीं। इस अवधि में उनके विदेश में रहने की पुष्टि पासपोर्ट और ई-टिकट रिकॉर्ड से हुई। अब शिक्षा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि जब शिक्षिका विदेश में थीं तो स्कूल में उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई और इसे प्रमाणित किसने किया।
स्कूल के साथ प्रशिक्षण रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
मामला केवल स्कूल की हाजिरी तक सीमित नहीं है। जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका उस समय डीएलएड प्रशिक्षण से जुड़ी हुई थीं। प्रशिक्षण में न्यूनतम उपस्थिति अनिवार्य होती है, ऐसे में विदेश में रहते हुए प्रशिक्षण रिकॉर्ड में मौजूदगी दर्ज होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विभाग अब स्कूल उपस्थिति रजिस्टर, प्रशिक्षण केंद्र के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
बच्चे के जन्म वाले दिन की हाजिरी पर भी सवाल
जांच में शिक्षिका के बेटे के जन्म से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है। आरोप है कि बच्चे के जन्म वाले दिन भी स्कूल रिकॉर्ड में उनकी उपस्थिति दर्ज मिली थी। विभाग इस बिंदु की भी जांच कर रहा है।
शिक्षिका ने इलाज के लिए विदेश जाने की बात कही
मामले में शिक्षिका ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह स्वास्थ्य संबंधी समस्या के इलाज के लिए सऊदी अरब गई थीं। हालांकि विभाग अब यह जांच कर रहा है कि विदेश जाने के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं और अवकाश की प्रक्रिया पूरी की गई थी या नहीं।
हाजिरी लगाने वाले पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर रिकॉर्ड में अनियमितता हुई है तो इसमें केवल शिक्षिका की भूमिका थी या स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र के अन्य कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी बनती है। शिक्षा विभाग ने अधिकारियों से सभी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट मांगी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि लापरवाही या गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है।
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