बिहार

Patna वालों के लिए अच्छी खबर, दीघा के दूधिया मालदह आम जीआइ टैग दिया जायेगा

Ashish verma
23 May 2025 10:45 PM IST
Patna वालों के लिए अच्छी खबर, दीघा के दूधिया मालदह आम जीआइ टैग दिया जायेगा
x
Patna वालों के लिए अच्छी खबर

Patna.पटना। राजधानी वासियों के लिए खुशखबरी है कि दीघा के दुधिया मालदह आम को जीआई टैग दिया जाएगा। इसके लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने प्रस्ताव तैयार किया है। दीघा का दुधिया मालदह राजधानी की पहचान रहा है, इसके संरक्षण के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से विशेष योजना तैयार की जा रही है।दूधिया मालदह की मिठास दूसरे आमों से अलगमीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. शिवनाथ दास कहते हैं कि दीघा के दुधिया मालदह आम की मिठास दूसरे आमों से बिल्कुल अलग है। यहां की मिट्टी की बनावट भी खास तरह की है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिस मिट्टी पर दुधिया मालदह आम की खेती होती है, उस मिट्टी को गंगा और सोन के पानी से सींचा गया है। पहले यहां गंगा और सोन का संगम हुआ करता था। वर्तमान में गंगा और सोन का संगम मनेर के पास है। लेकिन पहले के वर्षों में सोन नदी वेटनरी कॉलेज, दीघा और चिड़ियाघर से होकर बहती थी।

कुर्जी से मनेर तक अच्छी मिट्टीकुर्जी मोड़ से मनेर तक की मिट्टी दीघा के दूधिया मालदह आम के लिए काफी अच्छी है। फिलहाल राजधानी के बिहार विद्यापीठ, लोयला हाई स्कूल, सेंट माइकल हाई स्कूल, सेंट जेवियर कॉलेज, आत्म दर्शन समेत कई संस्थानों में दीघा दूधिया मालदह आम के पेड़ मौजूद हैं। मनेर के कई किसानों ने मालदह आम के पौधे भी लगाए हैं।1907 के गजेटियर में है दीघा मालदह का वर्णन1907 में प्रकाशित गजेटियर में दीघा मालदह आम का वर्णन है। इससे पता चलता है कि पटना शहर के आसपास दीघा मालदह आम की खेती होती थी। फिलहाल पटना जिले में करीब 190 हेक्टेयर में दूधिया मालदह की खेती हो रही है। मीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से अब तक राजधानी के आसपास 1500 पेड़ों की पहचान की गई है। दीघा में फिलहाल दो हजार मीट्रिक टन दूधिया मालदह का उत्पादन हो रहा है।मीठापुर में बांटे जाएंगे पांच हजार मालदह आम के पौधेदीघा के दूधिया मालदह आम को बढ़ावा देने के लिए मीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से अगले महीने पांच हजार पौधे बांटे जाएंगे। इसके अलावा यहां के किसानों के बीच गुलाबखास, दशहरी, आम्रपाली व अन्य आम के पौधे बांटे जाएंगे।लीची व नींबू के पौधे भी मिलेंगेमीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान में इस साल राजधानीवासियों व किसानों को नींबू, अमरूद, लीची व कटहल के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान की ओर से पौधे तैयार कर लिए गए हैं। बारिश का इंतजार है। मानसून की बारिश शुरू होते ही पौधों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।


Next Story