
बिहार: सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के तहत अब नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले नागरिकों को सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक वाहन मालिक अब विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार, यह योजना पर्यावरण को सुरक्षित रखने और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं, जिससे प्रदूषण में कमी आए और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिले।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा, जिनकी खरीद 15 मई 2026 या इसके बाद की गई है। इससे पहले खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों को इस योजना के तहत लाभ नहीं दिया जाएगा।
सब्सिडी प्राप्त करने के लिए वाहन मालिकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध विशेष लिंक के माध्यम से पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन करते समय वाहन मालिकों को कई जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसमें जिले का नाम, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर यानी आरसी, इंजन नंबर, चेसिस नंबर, वाहन खरीदने की तारीख, पैन कार्ड नंबर, बैंक खाते की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। आवेदन जमा करने के बाद विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच की जाएगी और पात्र पाए जाने पर सब्सिडी की राशि जारी की जाएगी।
सरकार की ओर से यह लाभ मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण-अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के तहत दिया जाएगा। इस योजना में दोपहिया, तीनपहिया वाणिज्यिक वाहन और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया गया है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को आर्थिक सहायता मिलेगी और ईवी की कीमत का बोझ कुछ कम होगा।
बिहार सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासकर व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने से परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
राज्य सरकार की इस योजना से आम नागरिकों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। जो लोग आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटर, ऑटो या कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे इस सब्सिडी योजना का फायदा उठा सकते हैं।
परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आवेदन करते समय सभी जानकारी सही दर्ज करें और जरूरी दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से अपलोड करें। गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज होने पर आवेदन में देरी हो सकती है।
बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की यह पहल राज्य को हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि सब्सिडी योजना के जरिए अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएंगे और आने वाले वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।





