
पटना: लगातार हो रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं के बीच पुलिस ने बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। यह मामला राजधानी में सक्रिय ‘बंटी-बबली’ गैंग से जुड़ा है, जिसकी पहचान तकनीकी जांच के बाद पूरी तरह कर ली गई है। पुलिस के अनुसार यह गैंग वैशाली जिले के हाजीपुर का रहने वाला है और पटना में वारदात कर वापस सुरक्षित अपने ठिकाने पर लौट जाता था।
जांच में सामने आया है कि इस गैंग में एक युवक और उसकी प्रेमिका शामिल हैं, जो मिलकर चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। युवक बाइक चलाता था, जबकि पीछे बैठी युवती भीड़भाड़ वाले इलाकों में अचानक झपट्टा मारकर सोने की चेन छीन लेती थी। दोनों तेज रफ्तार बाइक से महात्मा गांधी सेतु के रास्ते पटना में आते और वारदात के बाद हाजीपुर लौट जाते थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गैंग पिछले कई दिनों से शास्त्रीनगर, जक्कनपुर और कंकड़बाग जैसे इलाकों में सक्रिय था। शनिवार को इस गिरोह ने कंकड़बाग टेंपो स्टैंड और जगनपुरा मोड़ के पास महज आधे घंटे के अंदर दो बड़ी चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम दिया। पहली घटना में अशोक नगर रोड नंबर 8 बी के टिंकू कुमार से चेन छीनी गई, जबकि दूसरी वारदात में डॉक्टर रंजीत कुमार को निशाना बनाया गया।
घटनाओं के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें दोनों आरोपी जीरो माइल की ओर भागते हुए दिखे। इसके बाद सर्विलांस कैमरों की मदद से यह स्पष्ट हुआ कि वे हाजीपुर की ओर फरार हो गए हैं। पुलिस ने तुरंत हाजीपुर पुलिस से संपर्क कर आरोपी युवक की पहचान कर ली और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी।
सिटी एसपी पूर्वी शैलजा ने बताया कि आरोपी युवक का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और दोनों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह अंतरजिला गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था, लेकिन अब इसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो चुका है और जल्द ही दोनों आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।





