बिहार

50 हजार रुपये रिश्वत लेते उद्योग विभाग के महाप्रबंधक गिरफ्तार

Kavita2
8 Aug 2026 5:58 PM IST
50 हजार रुपये रिश्वत लेते उद्योग विभाग के महाप्रबंधक गिरफ्तार
x

अररिया। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल को कथित तौर पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। निगरानी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई सुबह करीब नौ बजे शिवपुरी स्थित उनके किराए के आवास पर की। गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने महाप्रबंधक को जिला अतिथि गृह लाया, जहां निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी।

निगरानी विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई एक मशीन सप्लायर की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने महाप्रबंधक पर कथित तौर पर रिश्वत या कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया था। शिकायत की जांच के बाद निगरानी विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई और शनिवार सुबह टीम ने महाप्रबंधक के आवास पर दबिश देकर उन्हें कथित रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया कि मशीन सप्लायर कमरे आलम ने महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि विभागीय कार्य से संबंधित मामले में महाप्रबंधक की ओर से कमीशन की मांग की जा रही थी।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच की। आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम ने कार्रवाई की तैयारी की। इसके बाद शनिवार सुबह निगरानी विभाग की टीम महाप्रबंधक के शिवपुरी स्थित किराए के आवास पर पहुंची।

सुबह नौ बजे आवास पर पहुंची टीम

शनिवार सुबह करीब नौ बजे निगरानी विभाग की टीम ने महाप्रबंधक के आवास पर कार्रवाई शुरू की। टीम के पहुंचते ही वहां हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत तलाशी और अन्य कार्रवाई की।

निगरानी विभाग का दावा है कि महाप्रबंधक को 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जिला अतिथि गृह लाया गया।

डीएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी

जिला अतिथि गृह में निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने मीडिया को कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता मशीन सप्लायर कमरे आलम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।

डीएसपी के मुताबिक, शिकायत में महाप्रबंधक पर रिश्वत या कमीशन मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायत की जांच के बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई की और महाप्रबंधक को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

उद्योग विभाग में कार्रवाई से मचा हड़कंप

उद्योग विभाग के महाप्रबंधक की कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई। सरकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी से कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल रहा।

निगरानी विभाग की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर निगरानी विभाग लगातार कार्रवाई करता रहा है।

शिकायतकर्ता की भूमिका अहम

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता मशीन सप्लायर कमरे आलम की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कथित रिश्वत मांगने की शिकायत निगरानी विभाग से की थी। शिकायत के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

निगरानी विभाग की ओर से शिकायतों की जांच के बाद ही ट्रैप या गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी शिकायत के आधार पर टीम ने कार्रवाई की और महाप्रबंधक को कथित रिश्वत की राशि के साथ पकड़े जाने की बात कही है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी

गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निगरानी विभाग आरोपी अधिकारी से पूछताछ करने के साथ कार्रवाई से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच करेगा।

रिश्वत की रकम, शिकायत से जुड़े दस्तावेज और विभागीय कार्य से संबंधित तथ्यों की जांच की जा सकती है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित तौर पर मांगी गई रकम किस काम के एवज में मांगी गई थी और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वत मांगने या लेने से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों से जुड़े लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार की शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि आम लोगों और कारोबारियों को सरकारी कामकाज में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। निगरानी विभाग की टीम कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Next Story