
बिहार: गया स्थित गया कॉलेज में दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। वायरल वीडियो में संस्कृत विभाग के एक शिक्षक पर महिला सहकर्मी के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया जा रहा है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग उठ रही है।
वायरल वीडियो में संस्कृत विभाग के शिक्षक प्रोफेसर शिवाजी पांडे पर उनकी सहकर्मी महिला प्रोफेसर संगीता आर्या के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में संबंधित शिक्षक की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीडियो में एक पुरुष शिक्षक हाथ में छड़ी लिए महिला प्रोफेसर की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं, जबकि बीच-बचाव करते हुए एक कर्मचारी भी नजर आता है। वीडियो में महिला प्रोफेसर एक कमरे में जाकर खुद को बचाने की कोशिश करती दिखती हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला प्रोफेसर का दावा है कि उन्होंने पहले भी इस मामले में कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उनसे सबूत मांगे गए थे। उनका कहना है कि अब वीडियो सामने आने के बाद उनके पास प्रमाण मौजूद है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अटेंडेंस शीट से जुड़े काम को लेकर संबंधित शिक्षक के साथ काम करने के लिए कहा जाता था, जिससे असहज स्थिति पैदा हुई। कॉलेज सूत्रों के अनुसार दोनों शिक्षकों के बीच विवाद नया नहीं है और पहले भी उनके बीच मतभेद की शिकायतें प्रशासन को दी जा चुकी हैं। हालांकि, बुधवार तक इस मामले में स्थानीय थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं और छात्र, शिक्षक व कर्मचारी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ABVP ने कहा कि यदि कॉलेज परिसर में महिला शिक्षिकाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं, तो छात्राओं की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। संगठन ने आरोप लगाया कि पहले भी शिकायतें दी गई थीं, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ABVP ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पुरानी शिकायतों की समीक्षा और महिला सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जांच में देरी या लापरवाही हुई तो संगठन आंदोलन करेगा। अब पूरा मामला कॉलेज प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिका हुआ है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है।





