बिहार

पटना में गंगा का रौद्र रूप रिकॉर्ड स्तर पार

Kavita2
6 Sept 2026 10:06 AM IST
पटना में गंगा का रौद्र रूप रिकॉर्ड स्तर पार
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बिहार : राजधानी पटना में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गंगा और पुनपुन नदियों के बढ़ते जलस्तर ने शनिवार को स्थिति और गंभीर कर दी। गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर वर्ष 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार कर गया है। वहीं, पुनपुन नदी भी खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम पांच बजे गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया। यह वर्ष 2016 में दर्ज किए गए उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से पांच सेंटीमीटर अधिक है। गंगा के इस रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा बढ़ गया है।

रविवार तक और बढ़ सकता है गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार, गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ सकता है। अनुमान है कि रविवार सुबह आठ बजे तक गांधी घाट पर नदी का पानी पांच सेंटीमीटर और ऊपर पहुंच सकता है।

अगर ऐसा हुआ तो गंगा का जलस्तर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

पुनपुन नदी भी दिखा रही विकराल रूप

गंगा के साथ-साथ पुनपुन नदी ने भी पटना और आसपास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। पुनपुन-श्रीपालपुर में नदी का जलस्तर अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से 52 सेंटीमीटर नीचे 53.39 मीटर दर्ज किया गया है।

पिछले 24 घंटे में पुनपुन नदी के जलस्तर में 11 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। फिलहाल यह खतरे के निशान से 2.79 मीटर ऊपर बह रही है। नदी के लगातार बढ़ते पानी से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

रिंग बांध टूटने से गांव में घुसा पानी

शुक्रवार रात पुनपुन नदी पर बना रिंग बांध टूट गया। इसके बाद फुलवारी प्रखंड के कुरा नवादा गांव में पानी प्रवेश कर गया। अचानक पानी आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बांध टूटने के बाद तेजी से पानी फैलने लगा। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर राहत कार्य शुरू किए गए हैं। प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों की टीमें प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी

गंगा और पुनपुन के बढ़ते जलस्तर का असर पटना के निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। लोगों को आवागमन और दैनिक कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और रास्तों पर पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पशुओं के लिए चारे और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था भी चुनौती बन रही है।

बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर

जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले घंटों में जलस्तर में बदलाव की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बिहार में मानसून के दौरान हर साल नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति बनती है। इस बार गंगा और पुनपुन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने से प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है।

फिलहाल पटना में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा के रिकॉर्ड जलस्तर और पुनपुन नदी के उफान को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आने वाले दिनों में बारिश और जलस्तर की स्थिति के आधार पर हालात और बदल सकते हैं।

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