
मोकामा : बिहार के मोकामा के पूर्वी इलाके में गंगा नदी के बढ़ते कटाव से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने बचाव कार्य तेज कर दिया है। शनिवार को विभागीय अधिकारियों की टीम ने सीआरपीएफ घाट पर चल रहे अस्थायी सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल गंगा नदी के कटाव को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं, ताकि तटवर्ती क्षेत्रों को तत्काल राहत मिल सके। नदी के तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर मिट्टी का कटाव बढ़ रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
शनिवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता कुणाल के नेतृत्व में तकनीकी टीम सीआरपीएफ घाट पहुंची। टीम ने वहां चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और कटाव प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। अधिकारियों ने कार्य की गुणवत्ता, सामग्री के इस्तेमाल और सुरक्षा उपायों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि कटाव रोकने के लिए किए जा रहे अस्थायी कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कदम उठाए जा सकें।
विभाग की ओर से बताया गया कि गंगा नदी का जलस्तर कम होने के बाद अक्टूबर महीने से कटाव रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। स्थायी योजना के तहत ऐसे इंतजाम किए जाएंगे, जिससे भविष्य में नदी के कटाव से इलाके को लंबे समय तक सुरक्षा मिल सके।
गंगा के कटाव की समस्या मोकामा के पूर्वी इलाकों में लंबे समय से चिंता का विषय रही है। नदी के किनारे बसे गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग हर साल मानसून के दौरान कटाव के खतरे का सामना करते हैं। तेज धारा के कारण खेतों, तटबंधों और जमीन के कटने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते स्थायी समाधान नहीं होने पर आने वाले समय में परेशानी बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कटाव रोकने के लिए मजबूत और टिकाऊ उपाय किए जाएं, ताकि उनकी जमीन और घरों को नुकसान से बचाया जा सके।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं, जबकि स्थायी योजना पर भी काम की तैयारी चल रही है।
अधिकारियों ने बताया कि स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू करने से पहले तकनीकी अध्ययन और नदी के प्रवाह से जुड़े पहलुओं का भी ध्यान रखा जाएगा। विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ऐसे उपाय किए जाएंगे, जिससे कटाव की समस्या को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
गंगा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए मानसून का समय विशेष सतर्कता का होता है। जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण कटाव की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की सक्रियता बेहद जरूरी हो जाती है।
फिलहाल मोकामा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार और भी बचाव कार्य किए जाएंगे। वहीं, अक्टूबर से शुरू होने वाले स्थायी सुरक्षा कार्यों से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





