
भागलपुर। पड़रिया पंचायत के भिट्टी गांव में बुधवार का दिन बेहद दुखद और भावुक कर देने वाला रहा। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ अंतिम यात्रा निकली तो पूरा गांव शोक में डूब गया। पति सुबोध मंडल, पत्नी पूनम देवी और उनकी चार वर्षीय मासूम बेटी राधिका कुमारी की अर्थियां जब एक साथ घर से उठीं तो हर आंख नम हो गई।
तीनों की अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। स्वजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा हृदयविदारक दृश्य पहले कभी नहीं देखा था।
जानकारी के अनुसार, अकबरनगर स्टेशन पर हुए दर्दनाक हादसे में सुबोध मंडल, उनकी पत्नी पूनम देवी और बेटी राधिका कुमारी की मौत हो गई थी। हादसे के बाद तीनों शवों का पोस्टमार्टम भागलपुर के मायागंज अस्पताल में कराया गया।
मंगलवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव भिट्टी गांव लाए गए। जैसे ही शव घर पहुंचे, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस घर में कुछ समय पहले तक खुशियां थीं, वहां अचानक मातम छा गया।
घटना से आहत ग्रामीणों ने भी परिवार के दुख में खुद को शामिल किया। ग्रामीणों के अनुसार, हादसे की खबर के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। कई लोगों ने बताया कि इस दर्दनाक घटना से गांव के लोग इतने दुखी हैं कि मंगलवार रात से कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
बुधवार सुबह जब तीनों शवों की अंतिम यात्रा निकली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। लोगों ने नम आंखों से परिवार के तीनों सदस्यों को श्रद्धांजलि दी।
ग्रामीणों ने बताया कि सुबोध मंडल अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि अचानक एक हादसा पूरे परिवार को उजाड़ देगा। पति-पत्नी के साथ मासूम बेटी की मौत ने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है।
तीनों शवों का अंतिम संस्कार अजगैबीनाथ धाम स्थित गंगा तट पर किया गया। मृतक सुबोध मंडल के बड़े भाई रंजन मंडल के पुत्र छोटू मंडल ने तीनों को मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। हर कोई इस दुखद घटना को लेकर भावुक नजर आया। परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने पहुंचे लोगों की आंखों में भी आंसू थे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार ने एक साथ अपने तीन सदस्यों को खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब भी इस हादसे को याद कर भावुक हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुबोध मंडल, पूनम देवी और राधिका की मौत से गांव ने एक साथ तीन अनमोल जिंदगियां खो दी हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क और रेल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न सहना पड़े।
भिट्टी गांव में फिलहाल मातम पसरा हुआ है। परिवार अपने तीन सदस्यों को खोने के गम से टूट चुका है, वहीं पूरा गांव इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। सुबोध मंडल, पूनम देवी और मासूम राधिका की यादें अब हमेशा ग्रामीणों और परिजनों के दिलों में बनी रहेंगी।





