
BIHAR: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौंटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच कर रहे न्यायिक जांच आयोग के समक्ष अब पुलिस-प्रशासन पक्ष की गवाही शुरू हो गई है। गुरुवार को पहले दिन डीएसपी समेत चार अधिकारियों ने आयोग के सामने उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराए और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपना पक्ष रखा।
जानकारी के अनुसार, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में न्यायिक जांच आयोग सभी परिस्थितियों और तथ्यों की गहराई से पड़ताल कर रहा है। इससे पहले पीड़ित पक्ष के नौ लोगों की गवाही दर्ज की जा चुकी है। अब पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि घटना के सभी पहलुओं को समझा जा सके।
पहले दिन आयोग के समक्ष जिन अधिकारियों ने बयान दर्ज कराए, उनमें जगदीशपुर के तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, एसटीएफ के दारोगा विकास कुमार और इंस्पेक्टर सह मामले के जांच अधिकारी (आईओ) संजीव कुमार शामिल रहे।
चारों अधिकारियों ने आयोग के सामने घटना से संबंधित जानकारी साझा की। अधिकारियों से घटना की परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई, मौके पर हुई गतिविधियों और जांच से जुड़े सवाल पूछे गए। आयोग ने अधिकारियों के जवाबों को रिकॉर्ड किया और मामले की जांच को आगे बढ़ाया।
न्यायिक जांच आयोग का उद्देश्य घटना की वास्तविक स्थिति और उससे जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना है। आयोग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि एनकाउंटर की परिस्थितियां क्या थीं, पुलिस कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत की गई और उससे जुड़े सभी पहलुओं में नियमों का पालन हुआ या नहीं।
वहीं, गवाही की प्रक्रिया के दौरान शाहपुर थाना के दारोगा हरिचन्द्र कुमार आयोग के सामने उपस्थित नहीं हो सके। आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित अधिकारी किसी कारणवश गवाही देने नहीं पहुंच पाए। शुक्रवार को भी आयोग के समक्ष सुनवाई और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
शुक्रवार को करीब दस गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की संभावना है। आयोग ने इस मामले में पहले ही पुलिस और प्रशासन के कुल 15 अधिकारियों एवं कर्मियों को समन जारी किया है। इनमें एसडीओ, डीएसपी समेत कई अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल हैं। आयोग सभी संबंधित लोगों से क्रमवार पूछताछ कर रहा है।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला भोजपुर जिले में काफी चर्चा में रहा है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से कई सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। अब पुलिस पक्ष की गवाही शुरू होने के बाद मामले की जांच में आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
न्यायिक आयोग आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों और गवाहों के बयान भी दर्ज करेगा। इसके बाद सभी पक्षों के तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस कार्रवाई की वास्तविक स्थिति क्या थी।
फिलहाल भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच जारी है और सभी पक्षों की गवाही पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आने की संभावना है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की गवाही को इस जांच का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।





