बिहार

पटना के 10 मॉडल स्कूलों में JEE-NEET की मुफ्त ऑफलाइन कोचिंग शुरू

nidhi
28 July 2026 7:25 AM IST
पटना के 10 मॉडल स्कूलों में JEE-NEET की मुफ्त ऑफलाइन कोचिंग शुरू
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बिहार के छात्रों के लिए खुशखबरी, पटना के मॉडल स्कूलों में फ्री JEE-NEET कोचिंग की शुरुआत

पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। बोर्ड ने पटना के 10 मॉडल स्कूलों में JEE (Joint Entrance Examination) और NEET (National Eligibility cum Entrance Test) की निशुल्क ऑफलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।

बोर्ड के अनुसार, इस योजना के तहत चयनित मॉडल स्कूलों में नियमित कक्षाओं के साथ-साथ JEE और NEET की विशेष ऑफलाइन कोचिंग चलाई जाएगी। छात्रों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न के अनुरूप टेस्ट, अभ्यास प्रश्नपत्र और शंका समाधान सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को महंगी निजी कोचिंग पर निर्भरता से राहत देना और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है। बिहार बोर्ड का मानना है कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को भी समान अवसर मिलेंगे।
योजना के तहत विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट और समय-समय पर प्रदर्शन का मूल्यांकन भी कराया जाएगा। इससे छात्रों को अपनी तैयारी का स्तर समझने और कमजोर विषयों में सुधार करने में मदद मिलेगी। बोर्ड का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करें।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। इससे गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा तैयारी तक उनकी पहुंच बढ़ेगी और उच्च शिक्षा में अवसरों का विस्तार होगा।
बिहार बोर्ड ने संकेत दिया है कि इस पहल के परिणामों का आकलन करने के बाद भविष्य में इसे राज्य के अन्य जिलों के मॉडल स्कूलों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। इससे अधिक संख्या में विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।

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