
भोजपुर: आरा शहर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शातिर बदमाशों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक व्यवसायी को अपना शिकार बना लिया। बदमाशों ने चेकिंग के नाम पर व्यवसायी को रोका और सुरक्षा का झांसा देकर उसके सोने के आभूषण उतरवा लिए। इसके बाद बदमाशों ने सोने की चेन और अंगूठी की जगह कागज में लपेटकर पत्थर यानी गिट्टी थमा दी और मौके से फरार हो गए।
घटना आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप नगर स्थित काली मंदिर के पास की बताई जा रही है। ठगी के शिकार व्यवसायी की पहचान कश्यपनगर मोहल्ला निवासी अंजनी कुमार उपाध्याय के रूप में हुई है। पीड़ित ने इस मामले को लेकर नवादा थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित व्यवसायी अंजनी कुमार उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि वह जीरोमाइल स्थित अपनी टाइल्स दुकान से बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पीछे से बाइक सवार दो युवक पहुंचे और उन्हें रोक लिया। दोनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए हेलमेट नहीं पहनने की बात कही और उनसे पूछताछ शुरू कर दी।
इसी दौरान कुछ देर बाद एक अन्य युवक भी बाइक से वहां पहुंच गया। तीनों युवकों ने ऐसा माहौल बनाया कि जैसे वे किसी आधिकारिक जांच अभियान में लगे हुए हों। बातचीत के दौरान एक युवक ने अपने गले में पहनी सोने की चेन उतारी और उसे कागज में लपेटकर रखने का नाटक किया। इसके बाद तीनों ने खुद को बिहार पुलिस का अधिकारी बताते हुए कथित तौर पर अपना आईडी कार्ड भी दिखाया।
बदमाशों ने व्यवसायी से कहा कि इलाके में लगातार छिनतई की घटनाएं हो रही हैं। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से वह अपनी सोने की चेन और अंगूठी निकालकर सुरक्षित रख लें। पुलिस अधिकारी समझकर व्यवसायी उनके झांसे में आ गए और उन्होंने अपनी करीब 38 ग्राम वजन की सोने की चेन और पुखराज लगी सोने की अंगूठी निकालकर बदमाशों को दे दी।
इसके बाद शातिर ठगों ने आभूषणों को एक कागज में लपेटने का नाटक किया और दूसरा पैकेट बनाकर व्यवसायी को वापस सौंप दिया। बदमाशों ने इस तरह विश्वास दिलाया कि उनके गहने पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बाद वे वहां से चले गए।
कुछ दूरी आगे जाने के बाद जब व्यवसायी ने पैकेट खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। कागज के अंदर सोने की चेन और अंगूठी की जगह एक पत्थर का टुकड़ा यानी गिट्टी मिली। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वह फर्जी पुलिसकर्मियों द्वारा ठगी का शिकार हो चुके हैं।
घटना के बाद पीड़ित तुरंत नवादा थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
नवादा थाना पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बदमाशों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा घटना के समय मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।
गौरतलब है कि बिहार के कई इलाकों में इन दिनों फर्जी पुलिस बनकर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। ऐसे गिरोह आम लोगों को डर और जांच का हवाला देकर अपना शिकार बनाते हैं। पुलिस लगातार लोगों से अपील करती रही है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के कहने पर अपने कीमती सामान न उतारें और यदि कोई खुद को पुलिस अधिकारी बताता है तो उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।
आरा की इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत को सामने ला दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।





