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जेडीयू के पूर्व सांसद अर्जुन राय BJP में शामिल, एक दशक बाद बदली राजनीतिक पारी

Kavita2
27 July 2026 4:00 PM IST
जेडीयू के पूर्व सांसद अर्जुन राय BJP में शामिल, एक दशक बाद बदली राजनीतिक पारी
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पटना: बिहार की राजनीति में सोमवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व सांसद अर्जुन राय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। राय ने अपने समर्थकों के साथ राज्य BJP अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके BJP में शामिल होने को बिहार की सियासत में नए समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

अर्जुन राय पहले जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने करीब एक दशक पहले बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापस लौटने के फैसले का विरोध करते हुए पार्टी छोड़ दी थी। उस समय जेडीयू और BJP के बीच राजनीतिक संबंधों में बड़ा बदलाव आया था, जिसके बाद राय ने अपनी अलग राजनीतिक राह चुनी थी।




राय ने 2024 का लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर सीतामढ़ी लोकसभा सीट से लड़ा था। हालांकि, चुनावी मैदान में उतरने के बाद अब उन्होंने BJP का दामन थाम लिया है। उनके इस फैसले को बिहार में विपक्षी खेमे के लिए एक झटका और BJP के लिए संगठनात्मक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।

BJP में शामिल होने के मौके पर अर्जुन राय ने पार्टी नेतृत्व के प्रति विश्वास जताया और नई राजनीतिक पारी शुरू करने की बात कही। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी BJP में शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी।

अर्जुन राय का राजनीतिक सफर लंबे समय से बिहार की राजनीति से जुड़ा रहा है। वह जेडीयू के टिकट पर सांसद रह चुके हैं और उत्तर बिहार की राजनीति में उनकी पहचान एक प्रभावशाली नेता के रूप में रही है। सीतामढ़ी क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ को देखते हुए BJP में उनकी एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राय दिवंगत नेता शरद यादव के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे हैं। शरद यादव जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वह 2013 तक NDA के संयोजक भी रहे थे। इसी अवधि के दौरान नीतीश कुमार ने BJP के साथ गठबंधन खत्म करने का फैसला किया था, जिसका राय ने विरोध किया था।

नीतीश कुमार के NDA से अलग होने के फैसले के बाद जेडीयू के भीतर भी राजनीतिक मतभेद सामने आए थे। अर्जुन राय उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने इस फैसले को लेकर अपनी असहमति जताई थी। इसके बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी और आगे चलकर अलग राजनीतिक मंचों से जुड़े रहे।

2024 के लोकसभा चुनाव में RJD के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद अब उनका BJP में जाना बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, चुनावी राजनीति में नेताओं का दल बदलना सामान्य प्रक्रिया रही है, लेकिन अर्जुन राय जैसे पुराने जेडीयू नेताओं का BJP में शामिल होना गठबंधन राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

BJP बिहार में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार नए नेताओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है। ऐसे में अर्जुन राय जैसे अनुभवी नेता का पार्टी में शामिल होना स्थानीय स्तर पर पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है। खासकर उत्तर बिहार के इलाकों में उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए BJP को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों के लिए यह घटनाक्रम चिंता का विषय माना जा सकता है। RJD के टिकट पर हालिया लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद राय का BJP में जाना विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है।

आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अर्जुन राय के BJP में शामिल होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी उन्हें किस भूमिका में इस्तेमाल करती है और इसका बिहार की राजनीति पर कितना असर पड़ता है।

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